यह कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि वोट बैंक की फसल काटने के लिए रचा गया एक गहरा और सुनियोजित षड्यंत्र है। सरकार की नजर में सनातनी समाज की शांति उसकी कमजोरी बन गई है, इसीलिए अराजकता पर कार्रवाई करने के बजाय उसे 'फेक न्यूज़' बताकर दबा दिया जाता है। अगर हम अब भी जाति-पाति में बंटे रहे और एकजुट नहीं हुए, तो सत्ता की यह तुष्टिकरण वाली राजनीति देश को गृहयुद्ध की आग में झोंक देगी। जागिए, वरना आपकी चुप्पी ही आपके विनाश का कारण बनेगी। उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज लखनऊ में निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए गोमतीनगर नेहरू एनक्लेव में उच्चन्यालय लखनऊ के अधिवक्ता बृजेश कुमार देव जी के आवास पर,वर्तवान राजनीत पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि लोक तंत्र के नाम पर दलित मुस्लिम तुष्टिकरण का खेल खेला जा रहा है जहां जनता को वोट बैंक के रूप में देखा जा रहा है चुनाव आते हि समाज को जाति वर्ग धर्म में बाट कर अलग अलग तरीके से प्रभावित किया जाता है ये संविधान को मानने वाले जय भीम का नाम ले कर नकली लोग उपद्रवी , राष्ट द्रोही ,समाज दोही और आतंक वादी है जो कल अंडेडकर के जयंती पर देखने को मिल आगरा में परशुराम चौक को कब्जा करने का तथा भगवान परशुराम को अपमानित करने का कार्य किया गया वही पुलिस मैंन रही आखिर में सरकार क्या चाहती है सवर्ण उत्तर चाहता है
सत्ता के संरक्षण में चल रहे दोहरे मापदंड अब देश को बर्बादी की ओर ले जा रहा है सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष
By -
April 15, 2026
सत्ता के संरक्षण में चल रहा ये 'दोहरा मापदंड' अब देश को बर्बादी की ओर ले जा रहा है। जब सभ्य और शांत रहने वाला सामान्य वर्ग अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए सड़क पर यूजीसी के खिलाफ उतरा, तो उसे हाउस अरेस्ट और सरकारी दमन का उपहार मिला, लेकिन आज जो भीड़ मंदिर तोड़ रही है, पुलिस पर पत्थर बरसा रही है और थानों में गुंडागर्दी कर रही है, उसे 'शोषित-वंचित' बताकर अभयदान दिया जा रहा है।
