भाजपा से ऊब चुका है सवर्ण समाज विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करना होगा सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष सवर्ण आर्मी भारत

बृज बिहारी दुबे
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सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे वरुणा पार एक निजी कार्यक्रम में शामिल सवर्ण लोगों के बीच बोलते हुए कहा कि जिस देश के राष्ट्रपति की पहचान डेढ़ अरब लोगों की प्रथम नागरिक होने के बावजूद भी आदिवासी ही है। जिस देश का प्रधानमंत्री मंत्री 12 साल मुख्यमंत्री और 12 साल प्रधानमंत्री रहने के बाद भी अभी भी खुद को अपने आप को पिछड़ा बताता हो उसी देश में एक बीघा जमीन पर गुजारा करने वाला सवर्ण परिवार सक्षम योग्य दबंग माना जाता है ये हमारे देश के संविधान की खूबसूरती है। भारत में जहां जाती पूछ कर नौकरी दी जाती हो जहां जाती पूछ कर योजनाएं दी जाती हो साथ ही साथ कालेल विश्वविद्यालय में चट्टी चौराहे पर जाती पूछ कर मारा पीटा जा रहा है फिर भी दोष सवर्ण ब्राह्मण का ही दिया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व  उन्नाव से सांसद साक्षी जी के द्वारा अपशब्द कहा गया , अपमानित भाषा का प्रयोग किया गया ,ब्राह्मण अगर एक जाति होता तो इतिहास उन्हें उगो का निर्माता नहीं मानता । ऋषि दधीचि, जिन्होंने विश्व कल्याण के लिए अपनी हड्डियां दान कर दी थी । ओ परशुराम जो अपनी शक्तियां खुद रख सकते थे किन्तु उन्होंने प्रभु राम को सौंप दिया क्यों कि सत्ता धर्म से बड़ी नहीं हो सकती है वो चाड़क्य  जिन्होंने ने बनवास में बैठे बालक को भारत वर्ष का सम्राट बना दिया आज उसी ब्राह्मण का खुले आम अपमान किया जा रहा है जिस पर किसी भी बीजेपी नेता ने आपत्ति नहीं किया साक्षी महाराज आप अपने पूर्वजों की तारीफ कीजिए अच्छी बात है किंतु पूरे ब्राह्मण समाज को गाली देना अपशब्द बोलना कतई स्वीकार नहीं होगा । भारत वर्ष में सबसे अधिक टेक्स सवर्ण समाज देता है।हमारी गाड़ी कमाई का बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में वसूलते है उसी के टैक्स के पैसे से जाती आरक्षण में लोगों को मलाई बाटी जाती है बदले में यूजीसी काला कानून,आरक्षण, एससीएसटी एक्ट थोपा जाता है क्या सवर्ण होना अपराध है क्या इस देश में न्याय सिर्फ जाति देख कर मिलेगी यूजीसी बिल हो या एससीएसटी एक्ट, आरक्षण देश के प्रधान मंत्री मोदी जी ,देश के गृह मंत्री अमित शाह जी देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी खुले मंच से बोल रहे हैं कि कोई माई का लाल समाप्त नहीं कर सकता है बीजेपी केवल अंबेडकर की महिमा मंडित कर रही है बूथ स्तर पर अंबेडकर जयंती मना रही है वही दूसरी तरफ भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम जयंती पर शासकीय अवकाश नहीं कर रही है बीजेपी को अब केवल अंबेडकर वादी ही वोट देंगे सवर्ण (ब्राह्मण,क्षत्रिय, वैश्य, श्रीवास्तव,लाला ,बनिया, सिंधी पंजाबी )भारत का सम्पूर्ण सवर्ण समाज वोट नहीं करेगा अब अब गया है सवर्ण खुद को विकल्प के रूप में स्थापित करेगा

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