जौनपुर जिले के बरसठी क्षेत्र में इन दिनों तथाकथित ‘फर्जी पत्रकारों’ की सक्रियता तेजी से बढ़ती जा रही है। ये ऐसे लोग हैं जिन्हें पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों और जिम्मेदारियों की कोई समझ नहीं है, लेकिन खुद को पत्रकार बताकर अधिकारियों और आम जनता पर रोब जमाने का काम कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, ये बहुरूपिया लोग पत्रकारिता की आड़ में अपना निजी स्वार्थ साधने में लगे हैं। कभी किसी विभाग में दबाव बनाकर काम निकलवाना तो कभी टेंडर और विज्ञापन के नाम पर लोगों को गुमराह करना—इनकी गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इससे न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि ईमानदारी से पत्रकारिता कर रहे असली पत्रकारों की छवि भी धूमिल हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे तथाकथित पत्रकार न तो किसी सामाजिक मुद्दे को उठाते हैं और न ही किसी घटना की सच्चाई सामने लाने का प्रयास करते हैं। बल्कि, ये केवल अपने फायदे के लिए पत्रकारिता का चोला पहनकर लोगों को हड़काने और ठगी करने में लगे रहते हैं।
जानकारी यह भी सामने आ रही है कि कुछ छोटे-मोटे अखबार और संस्थान केवल अपने पंजीकरण (RNI) का इस्तेमाल कर ऐसे लोगों को संरक्षण दे रहे हैं, जो पत्रकारिता के नाम पर अवैध कमाई में जुटे हैं।
अब जरूरत है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करे और ऐसे फर्जी पत्रकारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि पत्रकारिता की गरिमा बनी रहे और समाज में सही सूचना पहुंचाने वाले वास्तविक पत्रकारों का सम्मान सुरक्षित रह सके।
*जल्द ही ऐसे बहुरूपिया ‘फर्जी पत्रकारों’ के नाम और उनकी गतिविधियों का खुलासा किया जाएगा।*
