कवियों ने कविताओं के माध्यम से लोगों को किया मंत्र मुग्ध*चौपाल संवाद

बृज बिहारी दुबे
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मवई (फतेहपुर),। भिटौरा विकास खंड के मवई गांव कुटी में शतचंडी महायज्ञ तथा विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया इसके  संचालक श्री शतचंडी महायज्ञ कमेटी मवई  फतेहपुर रहे तथा उमाशंकर मिश्र हास्य कवि कार्यक्रम के संयोजक रहे कार्यक्रम का संचालन लवलेश यदुवंशी ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में समीर शुक्ला ने सरस्वती वंदन पर कविता प्रस्तुत की। इसके उपरांत कई कवियों ने अपनी कविताएं प्रस्तुत की जिसमें कवि उमाशंकर मिश्र की "आग में चलने का हम भी तो हुनर रखते हैं। 
भेजा है सीमा पर लड़ने के लिए बेटे को"l सीने में हम भी तो पत्थर के जिगर रखते हैं"। वही कवि आनंद देव द्विवेदी" ये मतवालों वालों भूल न जाना भारत के उन वीरों को "वीर रस की कविता से लोगों को मंत्र मुक्त किया। लवलेश यदुवंशी ने"अयोध्या में बना मंदिर फिर भी निवेदन है किसी सीता को फिर आग में जलते नहीं देना"कविता का पाठ किया। जिसके अलावा हास्य कवि समीर शुक्ला ने दम बनी रहे घर चूवत रहय"ने लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया। कवि सम्मेलन में प्रमुख रूप से कवि नवीन शुक्ल दिवाकर सिंह, आनंद देव द्विवेदी, अनुभव अग्यानी, उत्कर्ष उत्तम, रायबरेली, ने अपनी कविताएं पढ़ी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग कवि सम्मेलन को सुनने के लिए मौजूद रहे।

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