रिपोर्ट - भोला ठाकुर
ग्रेटर नोएडा स्थित होटल रेडिसन ब्लू में उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड (UPSIC), एवं जिला उद्योग केंद्र, गौतम बुद्ध नगर के संयुक्त तत्वावधान में RAM Program पर आधारित एक दिवसीय इंटीग्रेटेड वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गौतम बुद्ध नगर सहित आसपास के जनपदों के उद्यमियों एवं औद्योगिक संगठनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Alok Kumar (अपर मुख्य सचिव, MSME, उत्तर प्रदेश सरकार) रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में Rajkumar Yadav (मैनेजिंग डायरेक्टर, उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड एवं अपर आयुक्त, उद्योग) एवं डॉ R K भारती ( डायरेक्ट MSME DFO Okhla )उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान MSME उद्योगों के लिए चलाई जा रही नई योजनाओं, RAM प्रोग्राम, नवीन एक्सपोर्ट पॉलिसी, निर्यात को सुगम बनाने की प्रक्रिया, आवश्यक सावधानियाँ, ZED सर्टिफिकेट, MSME सब्सिडी 2022, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन, ऑटोमेशन, तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्किल बिल्डिंग जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई।
Industrial Business Association, गौतम बुद्ध नगर के प्रतिनिधिमंडल ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की। IBA की ओर से सभी अतिथियों का प्रतीक चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर IBA अध्यक्ष Amit Upadhyay ने उद्यमियों की प्रमुख समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन मुख्य अतिथि को सौंपा।
IBA अध्यक्ष श्री अमिय उपाध्याय द्वारा MSME सेक्टर की जमीनी चुनौतियों को प्रमुखता से रखा गया, जिनमें—
छोटे एवं व्यवस्थित औद्योगिक प्लॉट्स की गंभीर कमी
ई-ऑक्शन प्रक्रिया के कारण छोटे उद्योगों का वंचित होना
लंबे समय से किराये पर चल रही MSME इकाइयों के लिए भूमि की अनुपलब्धता
वर्किंग कैपिटल और आसान, किफायती ऋण की आवश्यकता
बड़े उद्योगों द्वारा समय पर भुगतान न किया जाना
GST रिफंड प्रक्रिया की जटिलता
सिंगल विंडो सिस्टम का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन न होना
प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
IBA प्रतिनिधिमंडल ने राज्य स्तर पर औद्योगिक लैंड बैंक/भूमि बैंक की स्थापना, किराये पर चल रही इकाइयों को रियायती दरों व आसान किस्तों पर भूमि उपलब्ध कराने, MSME अधिनियम के तहत 45 दिन की भुगतान समय-सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने तथा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय भुगतान विवाद समाधान समिति को प्रभावी बनाने की मांग रखी।
साथ ही, नया उद्योग स्थापित करने या विस्तार के लिए सिंगल विंडो सिस्टम का पूर्ण और पारदर्शी क्रियान्वयन आवश्यक बताया गया।
IBA के महासचिव श्री सुनीलदत्त शर्मा ने बताया कि MSME सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है—यह GDP और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देता है, कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार सृजन करता है तथा देश में 7.50 करोड़ से अधिक MSME इकाइयाँ कार्यरत हैं। उचित नीतिगत समर्थन मिलने पर MSME वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं।
इस अवसर पर IBA अध्यक्ष अमित उपाध्याय के साथ महासचिव सुनील दत्त शर्मा, उपाध्यक्ष—कृष्णा शर्मा, पराग अग्रवाल, सुधीर त्यागी, राजेश खन्ना; कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल सहित सदस्य पंकज कुमार, विमलेश कुमार, पुन्येंद्रु घोष, ईशु चौधरी, रवि कुमार एवं अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
