चाइनीज मांझे ने ली डॉक्टर की जान, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

बृज बिहारी दुबे
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जौनपुर जिले में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे लाइन बाजार थाना क्षेत्र के प्रसाद चौराहे पर चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक बाइक सवार डॉक्टर की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार केराकत निवासी डॉक्टर समीर जौनपुर में अपना काम निपटाकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक सड़क पर फैले चाइनीज मांझे ने उनकी गर्दन को जकड़ लिया। गंभीर रूप से घायल डॉक्टर समीर को बचाया नहीं जा सका और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।

यह कोई पहली घटना नहीं है। जिले में आए दिन चाइनीज मांझे से दुर्घटनाएं हो रही हैं। राहगीर, बाइक सवार और बच्चे इसकी चपेट में आकर घायल हो रहे हैं, फिर भी प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में चाइनीज मांझे की उपलब्धता प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा कर रही है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि
आखिर इसका जिम्मेदार कौन है?
जब चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है, तो बच्चों और दुकानों तक यह कैसे पहुंच रहा है? क्या जिला प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में है? पीड़ित परिवारों का दर्द क्या सिर्फ आंकड़ों तक सिमट कर रह जाएगा?

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई, अवैध बिक्री पर पूर्ण रोक, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। जनता का कहना है कि अगर अब भी कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।

डॉक्टर समीर की मौत ने एक बार फिर यह चेतावनी दी है कि चाइनीज मांझा सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि सड़क पर चलती मौत है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस त्रासदी से सबक लेकर ठोस कदम उठाता है या फिर अगली खबर किसी और की जान जाने के बाद सामने आएगी।

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