मकर संक्रांति व जन्मदिन के मणिकांचन संयोग पर वरिष्ठ समाजसेवी जज सिंह अन्ना ने माँ गंगे की गोद में मनाया जन्मदिन, कहा- 'परहित' के लिए ही समर्पित है जीवन

बृज बिहारी दुबे
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वरिष्ठ समाजसेवी जज सिंह 'अन्ना' ने बुधवार को मकर संक्रांति के पावन पर्व और अपने जन्मदिन के दुर्लभ संयोग पर अपनी धर्मपत्नी के साथ तीर्थराज प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। कड़ाके की ठंड और शीतल लहरों के बीच अन्ना जी और उनकी सहधर्मिणी ने विधि-विधान से स्नान-ध्यान कर सूर्य देव को अर्घ्य दिया और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
​इस अवसर पर समाजसेवी अन्ना ने कहा कि गृहस्थ आश्रम में पति-पत्नी एक रथ के दो पहिए होते हैं, और जब संकल्प समाज सेवा का हो, तो यह साथ और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा, "आज जन्मदिन और संक्रांति के अवसर पर हम दम्पति ने माँ गंगा, यमुना और सरस्वती के चरणों में शीश झुकाकर अपने लिए कुछ नहीं, बल्कि समस्त क्षेत्रवासियों के कल्याण और निरोगी काया की प्रार्थना की है।"
​अन्ना जी ने संगम तट से संकल्प दोहराया कि उनका और उनके परिवार का जीवन जन-पीड़ा को हरने के लिए समर्पित रहेगा। पुण्य स्नान के बाद दम्पति ने असहायों को दान-पुण्य भी किया।
​इस दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने समाजसेवी अन्ना को जन्मदिन की बधाई दी।

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