रिपोर्टर दीपक शुक्ला
जौनपुर। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा अयोध्या धाम स्थित श्रीराम मंदिर की उत्कृष्ट प्रबंधकीय व्यवस्था के लिए प्रथम चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के चयन की प्रक्रिया में पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र भी शामिल हुए। उन्होंने चयन प्रक्रिया के अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम की सेवा से जुड़े इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए अंतिम चरण तक उनके नाम पर विचार किया जाना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य और गौरव की बात है।
डॉ. दिनेश चंद्र ने श्रीगणेश और श्रीहनुमान जी का स्मरण करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या धाम सनातन धर्म, संस्कृति और आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रत्येक सनातन धर्मावलंबी के मन और तन में राम हैं तथा अयोध्या के कण-कण में प्रभु श्रीराम की अनुभूति होती है।
उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से CEO पद के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट अनुभव, कौशल और योग्यता रखने वाले अधिकारियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इस प्रक्रिया में 5,585 से अधिक अनुभवी अधिकारियों ने आवेदन किया। डॉ. दिनेश चंद्र ने भी इस चयन प्रक्रिया में सहभागिता की।
उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया के लिए गठित त्रिस्तरीय सर्च कमेटी ने पूरी निष्पक्षता और गंभीरता के साथ आवेदनों का परीक्षण किया। समिति में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और न्यूक्लियर वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद घारवे शामिल रहे। प्रारंभिक स्तर पर ऑनलाइन इंटरैक्शन के बाद चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी और अंतिम चरण में 16 अभ्यर्थियों का प्रत्यक्ष साक्षात्कार लिया गया।
डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि उन्हें भी अंतिम 16 अभ्यर्थियों में शामिल होकर प्रत्यक्ष साक्षात्कार देने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि उन्होंने पूरे आत्मविश्वास और गंभीरता के साथ साक्षात्कार दिया। बाद में समाचार पत्रों तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि अंतिम तीन चयनित अभ्यर्थियों में उनका नाम भी शामिल था।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की सेवा के लिए अंतिम चरण तक उनके नाम पर विचार किया जाना उनके लिए अत्यंत प्रसन्नता और संतोष का विषय है। हालांकि CEO के पद पर एक ही व्यक्ति का चयन होना था। सर्च कमेटी की अनुशंसा के आधार पर ट्रस्ट ने भारतीय वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल श्री जितेंद्र मिश्रा का प्रथम CEO के रूप में चयन किया।
डॉ. दिनेश चंद्र ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय वायु सेना में उनकी सेवाएं, पराक्रम, रणकौशल, अनुभव और विशिष्ट उपलब्धियां प्रशंसनीय हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार उन्होंने वायु सेना में अपनी क्षमता का परिचय दिया, उसी प्रकार भूमि पर भी श्रीराम मंदिर की प्रबंधकीय व्यवस्था को उत्कृष्ट बनाने में अपनी योग्यता और अनुभव का प्रभावी उपयोग करेंगे।
उन्होंने कहा कि “वायु की अपेक्षा भूमि पर कार्य करना कठिन है, हालांकि दोनों क्षेत्रों की अपनी-अपनी विशिष्ट परिस्थितियां हैं। वायु क्षेत्र में आपकी महारत सिद्ध है, अतः भूमि पर भी आप अपने पराक्रम, अनुभव और कौशल से उत्कृष्ट कार्य करेंगे।”
डॉ. दिनेश चंद्र ने चयन प्रक्रिया को अत्यंत कठिन बताते हुए सर्च कमेटी की निष्पक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि 5,585 से अधिक आवेदनों में से अंतिम साक्षात्कार के लिए 16 लोगों का चयन करना और फिर उनमें से तीन नामों का चयन करना अपने आप में अत्यंत कठिन एवं चुनौतीपूर्ण कार्य था। अंततः एक व्यक्ति का चयन होना था और पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का चयन हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें उनके चयन पर प्रसन्नता है और वह उन्हें हृदय से शुभकामनाएं देते हैं।
रामचरितमानस की चौपाई का उल्लेख करते हुए डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा—
“होइहि सोइ जो राम रचि राखा।
को करि तर्क बढ़ावै साखा॥”
उन्होंने आगे कहा—
“सुनहु भरत भावी प्रबल, बिलखि कहउँ मुनिनाथ।
हानि लाभु जीवन मरण, जस अपजस विधि हाथ॥”
डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि अंततः वही होता है जो प्रभु श्रीराम ने नियति में लिखा है। उनके अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में अंतिम चरण तक पहुंचना भी उनके लिए प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद और सौभाग्य है।
शुभचिंतकों, बुजुर्गों और संतों का जताया आभार
पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने CEO पद की चयन प्रक्रिया में शामिल होने के दौरान देश-प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से उन्हें शुभकामनाएं और आशीर्वाद देने वाले अपने इष्ट-मित्रों, वरिष्ठजनों, बुजुर्गों तथा साधु-संतों के प्रति भी हृदय से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि अनेक लोगों ने उनकी क्षमता, ज्ञान, अनुभव और कार्य करने की शैली पर विश्वास जताते हुए उन्हें इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित किया और चयन के लिए शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि वह उन सभी के स्नेह, प्यार और विश्वास के लिए सदैव कृतज्ञ रहेंगे।
डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा, “मैं हृदय से अपने सभी इष्ट-मित्रों, बुजुर्गों और साधु-संतों का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके आशीर्वाद से मैं इस महत्वपूर्ण चयन प्रक्रिया में सम्मिलित हो सका। छोटों को प्यार तथा सभी वरिष्ठजनों और साधु-संतों को चरण स्पर्श प्रणाम।”
अंत में उन्होंने सभी देशवासियों और विदेशों में रहने वाले सनातन धर्मावलंबियों के मंगलमय जीवन की कामना करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का आशीर्वाद सभी पर बना रहे।
जय हिंद! जय भारत! जय श्रीराम!
