संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मैं रंगारंग कार्यक्रमों ने किया भाव विभोर

बृज बिहारी दुबे
By -
 रिपोर्ट मनोज कुमार 


वाराणसी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र में बुधवार को हुए नारी सशक्तिकरण का भावलोकन देखने को मिला ।
विभिन्न रंगारंग कार्यक्रमों में भारतीय संस्कृति की संपूर्ण दर्शन  एवं नई भावनाओं और लोक परंपराओं का सुंदर और सूक्ष्म एवं संपूर्ण समन्वय का कार्यक्रम हुआ।
जिसमें कुल गीत, राधा कृष्ण नाट्य नृत्य ,शिव पार्वती नृत्य ,गणेश वंदना एवं तिब्बती नृत्य सहित अनेको प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मन मोहितकर भाव विभोर कर दिया ।
अन्य कार्यक्रमों में लोकगीत ,फैशन शो, क्विज और मेहंदी प्रतियोगिताओं जैसी कार्यक्रम शामिल है। 
कुलपति प्रोफेसर बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं बल्कि संस्कृति और संस्कारों एवं समाज की मुख्य धारा की संवाहिका भी है।

मुख्य अतिथि बसंत महिला महाविद्यालय राजघाट की गृह विज्ञान एवं इंटीरियर डिजाइनर प्रोफेसर आम्रपाली त्रिवेदी ने कहा कि लोकगीतों में हमारे सामाजिक रीति रिवाज, पारिवारिक भावनाएं, लोक जीवन और सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित होती हैं।

 प्रोफेसर नीलम गुप्ता ने कहा कि महिलाओं ने सदैव लोकगीतों के माध्यम से अपने सुख-दुख अनुभव भावनाओं को अभिव्यक्त किया है।

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