आज दिनांक 08 जुलाई 2026 को शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, गौतम बुद्ध नगर शिक्षा केंद्र, मेरठ प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में स्थापना सप्ताह (02–08 जुलाई) के अंतर्गत "भारतीय शिक्षा दिवस" के अवसर पर एक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में कुल 33 गणमान्य प्रतिभागियों की उपस्थिति रही, जिनमें 27 पुरुष एवं 6 महिलाएँ सम्मिलित थीं।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सतीश कुमार वर्मा, सहायक आचार्य, भौतिकी विभाग, शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, गौतम बुद्ध नगर शिक्षा केंद्र रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दयानंद शर्मा, सहायक आचार्य, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, शारदा विश्वविद्यालय तथा डॉ. शशांक शर्मा, सहायक आचार्य, रसायन विज्ञान विभाग, शारदा विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. मोहित साहनी, एसोसिएट डीन (रिसर्च), शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा ने की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. नीरज कौशिक, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा रहे। उन्होंने भारतीय शिक्षा की गौरवशाली परंपरा, भारतीय ज्ञान परंपरा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 तथा शिक्षा में भारतीय जीवन-मूल्यों के महत्व पर सारगर्भित एवं प्रेरणादायी व्याख्यान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय श्री नेमपाल जी, जिला प्रचारक, गौतम बुद्ध नगर रहे। उन्होंने भारतीय संस्कृति-आधारित शिक्षा की आवश्यकता तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों और विद्यार्थियों की भूमिका पर अपने प्रेरक विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि माननीय श्री राज कुमार जी, जिला कार्यवाह, गौतम बुद्ध नगर ने शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की कार्ययोजना, स्थापना सप्ताह के महत्व तथा समाज की सहभागिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता, मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge System) पर आधारित पुस्तकें भेंट कर सम्मान किया गया।
अपने उद्बोधनों में सभी वक्ताओं ने भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों एवं राष्ट्रोन्मुख शिक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा समाज के सभी वर्गों से इस दिशा में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों तथा राष्ट्रोन्मुख शिक्षा के प्रसार हेतु अपने-अपने स्तर पर सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा "कल्याण मंत्र" के सामूहिक उच्चारण के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
