देश दो वर्गों में बट चुका है एक आरक्षित जो देश में सुरक्षित है दूसरा अनारक्षित जो देश में असुक्षित है सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

बृज बिहारी दुबे
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इस समय देश दो वर्गों में बट चुका है एक आरक्षित जो सभी प्रकार से देश में सुरक्षित है उस वर्ग के लिए विशेष कानून, आरक्षण आयोग योजनाएं,फीस माफ ,वजीफा कोचिंग बजट आदि शब्द उपलब्ध हैं यहां तक कि वे कोई अपराध भी करे रेल रोके, प्रदर्शन और तोड़ फोड़ भी करे हिन्दू देवी देवताओं,ग्रंथों ,सवर्ण पर कोई अत्याचार भी करे तो न खबर बनती हैं, न प्रशासन कठोर कार्यवाही करता है जिससे उनका लगातार मन बढ़ता जा रहा है उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज की बैठक को संबोधित करते हुए कहा बैठक का आयोजन सवर्ण आर्मी जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला ने होटल डिजायर में आयोजित किया था जिसमें सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय सचिव सूर्य कांत दुबे, प्रदेश अध्यक्ष अनिल मिश्रा राष्ट्रीय महासचिव सुमित मिश्रा ,सुनील सिंह , रामानंद पाण्डेय ,ब्राह्मण फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष उपाध्याय, जनसामान्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी उपस्थित रहे । राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि राजनीतिक दलों और,सामाजिक सवर्ण संगठनों  के लगभग 60 लोगों का समर्थन से देश में पहली बार एक नया राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा  बनाया गया है जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व बार काउंसिल अध्यक्ष ग्वालियर हाई कोर्ट एडवोकेट अनिल मिश्रा जी को बनाया गया एवं पूर्व न्यायधीश सी वी पांडेय जी को राष्ट्रीय संरक्षक,साथ ही पूर्व आई पी पी जुगल किशोर तिवारी जी को उत्तर प्रदेश प्रभारी बनाया गया है ,सवर्ण समाज के लोगों के पास अब एक राजनीतिक विकल्प मिल गया है अभी तक लोग कहते थे कि विकल्प क्या है सवर्ण  किसको वोट करे अब सभी सवर्ण राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा से जुड़ कर अपनी सरकार बनाए सभी लोगों ने तय किया है कि बहुत सहा है,अब ना सहेंगे निकालो अपने मकानों से जंग लड़ो बेइमानों से। एक बात स्पष्ट कर दे कि मोर्चा आरक्षित वर्ग के विरुद्ध नहीं है।हम सभी कमज़ोर वर्ग को आरक्षण से आगे बढ़कर संरक्षण की बात करते हैं जैसे परिवार में बाप अपने बच्चे की आवश्यकता के अनुसार उनका संरक्षण करते हैं अपनी सामर्थ्य से उसी प्रकार से शासक के लिए प्रजा संतान की तरह होती है संतान से भेद भाव शासक को शासक बने रहने का अधिकार नहीं देता , इसके बाद भी हम सब एक जुट नहीं हुए,एक दूसरे से ही लड़ते रहे,हम बड़े तुम छोटे, राजनीत या सरकार में घुसे अपने लोगों के कारण अपने समाज से विश्वासघात करते रहे तो हमारे वे भी नहीं बचेंगे जिनके कारण हम इस अनीति और अन्याय के विरुद्ध मुंह नहीं खोल पा रहे तब हमे एक मंच पर आना चाहिए राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सवर्ण समाज के लिए राजनीतिक विकल्प है

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