शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, हापुड़ शिक्षा केंद्र (मेरठ प्रांत) तथा जनता वैदिक कॉलेज, बड़ौत (बागपत) के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के संयुक्त तत्वाधान में, एवं परम आदरणीय जगराम भाई जी की प्रेरणा से, विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर एक दिवसीय ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन 5 जून रात्रि 8:00 बजे किया गया l
संगोष्ठी का मुख्य विषय *"प्रकृति, संस्कृति और प्रगति: पर्यावरण संकट का भारतीय समाधान"* निर्धारित किया गया l
संगोष्ठी का शुभारंभ डॉ प्रशांत मिश्रा जी ने गायत्री मंत्र उच्चरित कर किया l संगोष्ठी का कुशल संचालन डॉक्टर अनुपम तिवारी ने किया l विषय की भूमिका हापुड़ शिक्षा केंद्र की प्रभारी प्रोफेसर नीलम कुमारी ने सभी के समक्ष रखी l
तदोपरांत डॉ. तारकेश्वर नाथ जी ने अतिथियों का परिचय कराया l संगोष्ठी के मुख्य वक्ता एडवोकेट एवं पर्यावरण विद् श्री भारत भूषण गर्ग जी ने कहां कि जल जंगल और जमीन का संरक्षण करना मानव का प्राथमिक उद्देश्य होना चाहिए l उन्होंने कहा की गुरु पूर्णिमा से लेकर रक्षाबंधन तक का समय वृक्षारोपण के लिए सर्वोचित है l उन्होंने हरी शंकरी ( पीपल, बरगद एवं पिलखन का एक साथ ) रोपण करने का सभी से आग्रह किया l
जनता वैदिक कॉलेज के समन्वयक प्रोफेसर जीपी सिंह ने कहा कि हमारे देश में सदियों से पर्यावरण को प्राथमिकता दी गई है l जिसके चलते हमेशा से प्रकृति की पूजा भी की जाती है l
जनता वैदिक कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर वीपी सिंह ने कहा कि प्रकृति स्वयं पर्यावरण को संतुलित करती रहती है l जनसंख्या पर नियंत्रण करना पर्यावरण संरक्षण के लिए अद्भुत पहल होगी l
क्षेत्रीय विषय संयोजक एवं प्रांत के पालक प्रोफेसर हरेंद्र सिंह तथा क्षेत्रीय विषय संयोजक एवं हापुड़ केंद्र पालक डॉक्टर योगेंद्र गुर्जर ने अपने आशीर्वचन से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया l
संगोष्ठी के अध्यक्ष डॉ सुशील सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से ही स्वस्थ जीवन की परिकल्पना की जा सकती है l प्रकृति में खाद्य जल व अन्य सामग्रियों के स्रोत निश्चित हैं अतः हमें इनके दोहन से बचना चाहिए l
हापुड़ शिक्षा केंद्र के संयोजक उमेश सेनरा ने सभी का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया l अंततः उमेश सेनरा ने कल्याण मंत्र का उच्चारण कर संगोष्ठी के समापन की घोषणा की l
संगोष्ठी में प्रांत के अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल मलिक, डॉ. नीरज कौशिक, प्रोफेसर ब्रह्मपाल सिंह, डॉ. कुष्मांडा आर्य डॉ. कुसुम त्यागी, नविता त्यागी, अन्य प्रबुद्ध जन तथा अनेक छात्र उपस्थित रहे l
