जौनपुर। जिले की मड़ियाहूं तहसील में स्थित एसडीएम कार्यालय अभद्र गलियों का सोमवार की शाम अखाड़ा बना रहा है। जोर-जोर से गाली गलौज होने के कारण कई अधिवक्ता भी बीच बचाव करने के लिए पेशकार के पास पहुंचे लेकिन पेशकार और प्राइवेट मुंशी के तेवर को देखते हुए उल्टे पांव लौट आएं। पेशकार के ऊपर प्राइवेट मुंशी की दबंगई पुरे तहसील में चर्चा का विषय रहा।
बताया जाता है कि मड़ियाहूं तहसील के अधिवक्ता प्रेम, लाल साहब बनाम गांव सभा सरौना दफा 24 में आदेश पारित होने के बाद नकल निकालने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। कई हफ्ते बीत जाने के बाद नकल देख रहे प्राइवेट मुंशी पंकज यादव अधिवक्ता को दौड़ता रहा जिसके कारण आजीज आकर सोमवार की अपराह्न 3:00 बजे एसडीएम के पेशकार अखिलेन्द्र सिंह से आप बीती बताई। पेशकार ने अधिवक्ता से कहा थोड़ी देर रुक जाइए अभी मुंशी आ रहा है तो मैं बात करता हूं बताते हैं कि मुंशी जैसे ही नाश्ता पानी करके ऑफिस में पहुंचा पेशकार ने तुरंत उसको बुलाकर नकल नहीं जारी होने का कारण पूछा इसके बाद प्राइवेट मुंशी पंकज यादव पेशकार के ऊपर ही पिल पड़ा, पेशकार के पास उस समय कई अधिवक्ता भी खड़े रहे। इस तरह मुंशी द्वारा पेशकार से बात करना पेशकार को नागवार लगा जिसके बाद पेशकार ने भी तेजी तेजी से ऐसी भाषाओं का प्रयोग कार्यालय में होने लगा जिसकी जिक्र यहां करना उचित नहीं है। इसके बाद मुंशी ने भी पेशकार को चेतावनी दिया कि हम इस भाषा के आदी नहीं हैं अब अगर दोबारा इस भाषा का प्रयोग किया तो ठीक नहीं होगा। जिसके बाद मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिवक्ता अनिसुर्रहमान समेत काफी अधिवक्ताओं ने बीच बचाव करना चाहा लेकिन दोनों की तेवर देखकर पीछे हट गए। आपको बता दे की एसडीएम नवीन कुमार अधिवक्ताओं से हमेशा दावा करते नजर आते हैं कि अब कार्यालय में फाइलों की व्यवस्था सुदृढ़ हो गई है लेकिन आए दिन कार्यालय में
अधिवक्ताओं एवं प्राइवेट मुंशीयों के बीच झगड़ा आम बात हो चुकी है। पूरा एसडीएम कार्यालय मुंशी के भरोसे चल रहा है। कोई भी अधिवक्ता फाइलों को आसानी से पाना चाहे तो उसे कई महीने लग जाता है जिससे अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है
