सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे आज निजी कार्यक्रम में वाराणसी के राधापुरम कालोनी में श्यामा देवी के आवास पर आएजहां पर सवर्ण समाज के लोगों को सम्बोधित करते हैं सवर्ण समाज के मुद्दों को लेकर जोरदार हुंकार भरी उन्होंने यूजीसी रेगुलेशन और एससीएसटी एक्ट, जातिगत आरक्षण को लेकर सरकार पर निशाना साधा कहा कि सामान्य वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है सुरज प्रसाद चौबे ने कहा है सुनियोजित तरीके से सवर्ण को कमजोर किया जा रहा है और उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है
ऐसे में अब सवर्ण समाज को राजनीतिक विकल्प के रूप में खुद को विकल्प के रूप में स्थापित करना होगा उन्होंने सत्ता में बैठे सवर्ण नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यूजीसी जैसे मुद्दे पर खुल कर विरोध नहीं किया जिस देश के राष्ट्रपति की पहचान डेढ़ अरब लोगों की प्रथम नागरिक होने के बावजूद भी आदिवासी ही है। जिस देश का प्रधानमंत्री मंत्री 12 साल मुख्यमंत्री और 12 साल प्रधानमंत्री रहने के बाद भी अभी भी खुद को अभी भी अपने आप को पिछड़ा बताता हो उसी देश में एक बीघा जमीन पर गुजारा करने वाला सवर्ण परिवार सक्षम योग्य दबंग माना जाता है ये हमारे देश की संविधान की खूबसूरती है । भारत में जहां जाती पूछ कर मुकदमे लिखे जाते हैं और जाति पूछ कर नौकरी दी जाती हो जहां जाती पूछ कर योजनाएं दी जाती है साथ ही साथ कालेल विश्वविद्यालय में कट्टी चौराहे पर जाती पूछ कर मार पीट की जा रही हो सवर्ण ब्राह्मण को मारा पीटा जा रहा है फिर भी दोष सवर्ण ब्राह्मण का ही दिया जाता है हाल ही में बि एच यू में जाती पूछ कर ब्राह्मण को मारा गया है देश के स्वाधीनता संग्राम में अपने प्राण की आहुति देने वाले सवर्ण क्रांतिकारी की अपेक्षा की जा रही है वही दूसरी तरफ अम्बेडकर जिनका स्वाधीनता संग्राम में कोई योगदान नहीं था का महिमा मंडित किया जा रहा है उत्तर प्रदेश सरकार भारी बजट छतरी बनवाने पर कर रही है। भगवान परशुराम जयंती पर अवकाश नहीं किया जाता है देश के 70 प्रतिशत जनरल वर्ग के छात्र लोन ले कर पढ़ते हैं लेकिन सरकार को इनकी चिंता नहीं है वो कारणों रुपए खर्च कर के आरक्षित वर्ग के लोग को विदेश भ्रमण करवाने में बिजी हो यूजीसी हो या जातीय आरक्षण एससीएसटी एक्ट यह खत्म होना चाहिए
