श्रीमद्भागवत कथा आयोजन में देवउठनी एकादशी व्रत को दान पुण्य का सौभाग्य जन्म जन्मांतर के पुण्य फल प्राप्ति का प्रतिफल बताया:सुश्री ब्रज प्रिया किशोरी जी ने

बृज बिहारी दुबे
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रिपोर्ट प्रेम प्रकाश शर्मा 

, धनबाद।सिंदरी शहरपुरा शिव मंदिर प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस आज देवउठनी एकादशी नंदोत्सव तुलसी विवाह के शुभ दिवस को सुश्री ब्रज प्रिया किशोरी जी ने देवउठनी एकादशी के महात्म्य को विस्तार से बतलाईं। आज विष्णु भगवान चतुर्मास शयन के बाद उठते हैं इसलिए पुरे विश्व में उल्लास का वातावरण रहता है। आज के दिन तुलसी जी शालीग्राम जी का विवाह हवन पूजन का विधान है जिसे करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। एक बार लक्ष्मी जी ने नारायण जी से कहीं की हे स्वामी आप जगे रहते हैं और जब सोते हैं तो लाखों करोड़ों वर्ष सोते हैं तो चराचर प्राणी बहुत दुखी होते हैं अतः आप प्रतिवर्ष वर्षा ऋतु में 4 महिना शयन करें ताकि इस समय चराचर प्राणी और मुझे विश्राम मिले। इसप्रकार भगवान विष्णु चार मास उपरांत जब उठते हैं तो देवउठनी एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी को करनेवालों का समस्त पाप नष्ट होते हैं और सहस्त्र अश्वमेध यज्ञ का फ़ल प्राप्ति का पुण्य मिलता है और मोक्ष प्राप्ति के साथ साथ विष्णु लोक की प्राप्ति होती है‌। इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य धन धान्य से परिपूर्ण यशस्वी, योगी, तपस्वी, इंद्रियों को जितने वाला होता है। एकादशी विधी पुर्ण कर द्वादशी को हवन पूजन भोजन स्वर्ण तिल पीत वस्त्रादि दान की विधि है।
वामन चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए बताईं की अच्छे कार्य की सराहना करते हुए सहयोग करना चाहिए उसमें बाधा उत्पन्न नहीं करना चाहिए। विरोचन पुत्र राजा बलि की कथा सुनाईं। श्री कृष्ण जन्मोत्सव नंदोत्सव के पहले वामन अवतार की झांकी नंद रसों का गायन , नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल मदन गोपाल की जय का गायन उद्घोष के के साथ साथ माखन मिश्री मिष्टान्न फल मखाना बधाई बांटकर 
प्रमुख यजमान आयोजनकर्ता अमोद कुमार सिंह संग उनकी धर्मपत्नी उषा देवी सुपुत्र अखिलेश सिंह सपत्नीक समेत रितेश पांडेय समेत श्रद्धालु भक्तगण ने समां बांध दिए। आज की कथा में बताईं की देवउठनी एकादशी से मन की आसक्ति और मोह से बचकर मन की चंचलता पर नियंत्रण होता है जिसपर विस्तार शिक्षाप्रद बातें बताई।। इतना बढ़िया सुंदर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन बहुत सौभाग्य पुण्य की बात है ऐसा आज भक्तगण मुक्तकंठ से अमोद सिंह संग श्रीमती उषा सिंह साथ में सुपुत्र अखिलेश सिंह की प्रशंसा कर रहे थे।। आज के कार्यक्रम में अन्य दिनों से 3/4 गुणा ज्यादा भक्तगण उपस्थित थे जिन्हें बैठाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करने में अखिलेश सिंह संग रितेश पांडेय लगे रहे। 
कार्यक्रम में मुख्य रूप से यजमान अमोद कुमार सिंह संग धर्मपत्नी श्रीमती उषा सिंह, अखिलेश सिंह के साथ साथ  प्रशांत कुमार दुबे, दिनेश सिंह, सोनु गिरी उर्फ विकास गिरी, रितेश पांडेय, ब्रजेश सिंह, सुरेन्द्र सिंह, ए के राय, बनवाली झा, अर्चना सिंह, अंजना देवी, रंजना  सिंह, वंदना, अनुराधा, दीपिका, योगिता, रानी देवी, रवि  कुमार, राजीव कुमार, कमलेश, केशव, आदित्य, अक्षर, सत्येन्द्र पांडेय, सुनील, अंजनी तिवारी, नकुल सिंह, उषा तिवारी, रौनी, कमलेश सिंह,  मंटन सिंह, रंजन सिंहा, संतोष कुमार, स्वामीनाथ पांडेय, सत्येन्द्र नाथ तिवारी, हरिश्चंद्र दुबे , राजेश प्रसाद, ओमेश्वर सिंह, मुकेश सिंह, बिकेश सिंह, जितेंद्र यादव, अमित यादव, सुमन चौधरी, संपा सिल, डाक्टर एस एस साहु, बिनोद कुमार प्रसाद, विजय सिंह, राजु तिवारी, अनामिका तिवारी, यशोदा देवी, राधा शर्मा, अभिषेक  बाजपेयी समेत सैकड़ों महिला पुरुष श्रद्धालु भक्त शामिल हुए।

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