सिंदरी, धनबाद अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आगामी 2026 वर्ष में दिव्य अखंड ज्योति की स्वर्ण जयंती वर्ष एवं परम वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्म शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य पर देश के प्रत्येक राज्य में एवं विदेशों में भी ज्योति कलश रथ यात्रा का परिभ्रमण हो रहा है। सिंदरी प्रदेश में रथयात्रा के दूसरे दिन शहरवासियों में अपूर्व उत्साह का संचार हुआ। नगर परिभ्रमण हेतु गायत्री मंदिर सिंदरी से प्रातः 9 बजे रथयात्रा निकाली गई। शहरपुरा बाजार मुख्यमार्ग से दुर्गा मंदिर, रोहड़बाँध, हनुमान मंदिर, मनोहरटाँड़, दुर्गा मंदिर, विश्वकर्मा टोला, मोदीडीह चौक, दुर्गा मंदिर एवं शिव मंदिर, परसबनिया, हरि मंदिर, ओरबिट्टा, गायत्री प्रज्ञा पीठ, मार्शलिंगयार्ड होते हुए दोपहर को क्षणिक विराम के लिए पुनः गायत्री ज्ञान मंदिर सिंदरी में रथयात्रा पहुँची। तत्पश्चात हनुमान मंदिर, ACC गेट, काली मंदिर, जयहिंद मोड़, हनुमान मंदिर, IM टाईप, काली मंदिर, राजा बस्ती, रांगामाटी राधा कृष्ण मंदिर होते रथयात्रा का पड़ाव रांगामाटी जयमाता मंदिर, सिंदरी रहा। जहाँ विराट दीपयज्ञ कार्यक्रम संपन्न हुआ। पावन दिव्य ज्योतिपुंज के स्वागत में पूरे नगरवासी अगाध श्रद्धा-भाव से उमड़ पड़े। भजन, आरती की थाल, शंखनाद सहस्र दीपकों की ज्योति के माध्यम से परिजनों में भक्ति भाव का अद्भुत संचार हुआ।
दिव्य ज्योति कलश रथ यात्रा का उद्देश्य सनातन संस्कृति के गौरवशाली परंपरा की पुर्नप्रतिष्ठा करना है। साथ ही गाँव-गाँव, जन-जन तक परम पूज्य गुरुदेव के युग परिवर्तनकारी विचारों को पहुँचाना, व्यक्तित्व निर्माण, परिवार निर्माण, समाज-निर्माण एवं राष्ट्र-निर्माण के लक्ष्यों को प्राप्त, प्रत्येक परिजन में आध्यात्मिक बल की वृद्धि करना और कलुषता के प्रभाव को नष्ट करना है। विदित हो कि 1926 से गुरुदेव द्वारा प्रज्वलित अखंड दीपक ज्योति के अंश का दर्शन होना परम सौभाग्य की बात है। दिव्य ज्योति कलश रथयात्रा में शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि श्री सुरेश कुमार वर्मा एवं अशोक बाबा तथा गायत्री परिवार के भाई बहनों - परिजनों की महत्वपूर्ण उपस्थिति बनी रही ।
