रिपोर्ट एस बी सिंह ( निडर)
आज दिनांक 08 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 8 से रवाना किया।
ट्रेन की सभी बोगियों को फूल मालाओं तथा गुब्बारों से सजाया गया था।रेलवे ट्रैक पर भी रंग रोगन किया गया था। पूरा स्टेशन दुल्हन की तरह सजा हुआ था।स्टेशन पर इस मौके पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला । मोदी जी के संसदीय क्षेत्र के लगभग 3200 विशिष्ट अतिथियों को रेलवे द्वारा आमंत्रित किया गया था। जिनके स्वागत के लिए जमीन पर रेड कार्पेट तथा वी.आई पी . सोफे का इंतजाम किया गया था।
इस दौरान यात्रियों में भारी उत्साह देखा गया। प्लेटफार्म नंबर 8 के उस पार पीएम मोदी की एक झलक पाने को लोग बेताब नजर आ रहे थे। प्रधान मंत्री ने उपस्थित जन समुदाय को बनारसी अंदाज में संबोधित किया ,और कहा काशी के मेरे परिवारजन आपके हमार प्रणाम lहम देखनी देव दिवाली पर अद्भुत आयोजन भईल रहलl आज के दिन भी शुभ हौ ,विकास पर्व पर शुभकामना देत हइ ,आगे प्रधानमंत्री जी ने कहा ,आर्थिक विकास का आधार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट होता है lविकसित काशी से विकसित भारत का सपना साकार होगा l
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि काशी-खजुराहो वंदे भारत के अलावा, फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत, लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत और एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत ट्रेनों को भी आज हरी झंडी दिखाई गई है ।अब देश में 160 से अधिक नई वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश में चलाई जा रही वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें भारतीय रेलवे की अगली पीढ़ी की नींव तैयार कर रही हैं । उन्होंने कहा कि यह सिर्फ रेल परियोजनाएं नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे को ट्रांसफॉर्म करने का एक राष्ट्रीय अभियान हैं। वंदे भारत ट्रेन को उन्होंने “भारतीयों की, भारतीयों द्वारा और भारतीयों के लिए बनाई गई ट्रेन” बताते हुए कहा कि इस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिये।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जिस तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, ये ट्रेनें उसमें एक मील का पत्थर साबित होंगी,उन्होंने कहा कि आधुनिकता और परंपरा का संगम ही भारत की पहचान है, और नई रेल सेवाएँ उसी भावना का प्रतीक हैं। भारत में सदियों से तीर्थ यात्राओं को देश की चेतना का माध्यम माना गया है,यह केवल देवदर्शन का मार्ग नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को जोड़ने वाली पवित्र परंपरा है,उन्होंने कहा कि प्रयागराज, अयोध्या, हरिद्वार, चित्रकूट और कुरुक्षेत्र जैसे तीर्थ क्षेत्र हमारी आध्यात्मिक धारा के केंद्र हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब जब ये पावन धाम वंदे भारत नेटवर्क से जुड़ रहे हैं, तो इससे भारत की संस्कृति, आस्था और विकास को एक साथ जोड़ने का कार्य हो रहा है. यह कदम भारत की विरासत के शहरों को विकास के प्रतीक में बदलने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
प्रधानमंत्री जी ने अपने संबोधन का अंत हर हर महादेव के साथ किया ।
कार्यक्रम के दौरान बीच-बीच में हर हर महादेव, मोदी मोदी ,भारत माता की जय ,वंदे मातरम के नारे लगातार लोगों द्वारा लगाए जा रहे थे ।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों में क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल,महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ,जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ,राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल, विधान परिषद सदस्य अश्वनी त्यागी, धर्मेंद्र सिंह ,गुजरात के पूर्व विधायक जगदीश पटेल, विधायक डॉक्टर नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव ,टी राम, सुरेंद्र सिंह, चंद्रशेखर उपाध्याय, राकेश जायसवाल, शैलेंद्र सिंह ,आत्मा विश्वेश्वर, पंकज चतुर्वेदी ,अवधेश राय, रणंजय सिंह, राजकुमार यादव, प्रमोद यादव मुन्ना ,विनोद भारद्वाज, योगेश वर्मा, अजय गुप्ता ,रतन सिंह ,रविंद्र सिंह,,विनोद गुप्ता ,कुंवर कांत सिंह,सुधीर सिंह संजय विसंभरी ,कनकलता मिश्रा ,पूजा दीक्षित, शालिनी यादव
सुनीता राजेश सिंह,गीता शर्मा,प्रीति चौरसिया,किरण वर्मा,खुशबु गुप्ता,संगीता साहू,आरती सेठ,ऊषा मौर्य, शालिनी यादव पवन अग्रवाल,विनीत सिंह, राजेश यादव, रतन मौर्य ,नरसिंह दास ,अशोक यादव, बृजेश चौरसिया, बृजेश श्रीवास्तव ,राजेंद्र यादव, राकेश त्रिवेदी, नीरज जायसवाल, संदीप केसरी, अनिलश्रीवास्तव,,
अशोक चौरसिया, सुजीत सिंह टीका, शशांक अग्रवाल, पवन अग्रवाल,प्रमील पांडेय ,अशोक कुमार पांडेय l
