कांग्रेस का अति पिछड़ा न्याय संकल्प पत्र ऐतिहासिक कदम: अशोक विश्वकर्मा।

बृज बिहारी दुबे
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वाराणसी। कांग्रेस कमेटी एडवाइजरी कौन्सिल उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग विभाग के सदस्य अशोक कुमार विश्वकर्मा ने आज यहां जारी एक प्रेस नोट में बताया कि पटना के सदाकत आश्रम में संपन्न अखिल भारतीय कांग्रेस वर्किंग कमेटी के बैठक में गठबंधन के साथ मिलकर जारी किया गया 'अति पिछड़ा न्याय संकल्प-पत्र' दस्तावेज, सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि भारतीय संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधीजी सदियों से शोषित, वंचित सर्वहारा वर्ग के प्रति अतिसंवेदनशील है। अति पिछड़ा न्याय संकल्प- पत्र में जातिगत जनगणना कराने औरआरक्षण की 50% की सीमा तोड़कर हक देने की बात कही गई है, जिससे पिछड़ा, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग को उचित भागीदारी मिलेगा। संकल्प-पत्र का मुख्य उद्देश्य अतिपिछड़ा वर्ग को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पंचायत और नगर निकायों में अतिपिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण में बढ़ोतरी के साथ ही 'अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम' बनाया जाएगा, ताकि इस वर्ग पर होने वाले अत्याचारों को रोका जा सके। पंचायत और नगर निकायों में अति पिछड़ा वर्ग के लिए मौजूदा 20 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जाएगा। आबादी के अनुपात में आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा को बढ़ाने के लिए कानून बनाकर उसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
 शिक्षा अधिकार अधिनियम' के तहत निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा अति पिछड़ा, पिछड़ा, अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों के लिए तय किया जाएगा।इस दस्तावेज़ का लक्ष्य दलित, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग को एक साथ लाकर उनके लिए बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करना है।

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