ओवैसी ने कहा, "आरएसएस और उसके जितने संगठन हैं, उन्होंने आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया,
था बल्कि वे आज़ादी की लड़ाई लड़ने वाले बड़े-बड़े नेताओं से नफ़रत करते थे."
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि आरएसएस हमेशा से सबको साथ लेकर चलने वाले राष्ट्रवाद का विरोध करता रहा है,
जिसकी बुनियाद पर देश को अंग्रेज़ों की ग़ुलामी से आज़ाद कराया गया था."
ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री उस संगठन की तारीफ़ कर रहे हैं, जो "इस मुल्क में नफ़रत फैलाता" है.
