पश्चिम उत्तर प्रदेश की कांवड़ यात्रा में अनुकरणीय प्रबंधकीय व्यवस्था, सहारनपुर के सेवा शिविर बने मिसाल

बृज बिहारी दुबे
By -


रिपोर्टर दीपक शुक्ला 

सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पश्चिम उत्तर प्रदेश में संचालित कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने अपने लगभग 20 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि प्रशासन, समाजसेवियों और स्वयंसेवी संगठनों के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि अपने शासकीय सेवाकाल के दौरान हरिद्वार, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अलीगढ़, गाजियाबाद, मुरादाबाद सहित पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कांवड़ यात्रा की प्रबंधकीय व्यवस्थाओं को निकट से देखने और समझने का अवसर मिला। इस दौरान प्रशासन और सामाजिक संगठनों के बेहतर समन्वय से श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई गई।
डॉ. दिनेश चंद्र ने विशेष रूप से गोवंशों के लिए हरा चारा नेपियर वृक्षारोपण जल संरक्षण लोगों से अपील की जिससे हमारा जीवन उत्कृष्ट रहे   लोगों कोसहारनपुर में संचालित भोलेनाथ सेवा शिविर की सराहना करते हुए कहा कि यह शिविर पिछले 31 वर्षों से निरंतर श्रद्धालुओं की सेवा कर रहा है। शिविर के संचालन में श्री राजीव अग्रवाल, विपिन गुप्ता, बंसल जी सहित अनेक समाजसेवियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वहीं सपना टॉकीज के समीप श्री रविकांत धीवान द्वारा पिछले 21वर्षों से की जा रही सेवा को भी उन्होंने अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
उन्होंने सहारनपुर के आधुनिक चिकित्सीय एवं विश्राम शिविर की व्यवस्थाओं की भी मुक्तकंठ से प्रशंसा की। इस अवसर पर उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विवेक मनोचा, सेक्रेटरी मनमोहन चावला, आचार्य प्रदीप कौशिक तथा अन्य प्रबुद्ध उद्यमियों की सक्रिय सहभागिता उल्लेखनीय रही।
उन्होंने बताया कि इस शिविर में एक साथ 300 से अधिक कांवड़ियों के मोबाइल चार्ज करने की सुविधा, प्रशिक्षित चिकित्सीय टीम, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता तथा पैदल चलने वाले कांवड़ियों के पैरों की थकान दूर करने के लिए आधुनिक फुट मसाज मशीनों की विशेष व्यवस्था की गई है। यह सुविधा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत उपयोगी और आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि सहारनपुर मे गोवंशों के लिए हरा चारा नेपियर वह वृक्षारोपण  जल संरक्षण कर उत्कृष्ट कार्य करें विकसित इस प्रकार की अभिनव और उत्कृष्ट प्रबंधकीय व्यवस्था को प्रदेश के अन्य कांवड़ सेवा शिविरों में भी अपनाया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने सुझाव दिया कि इन शिविरों की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं, सुरक्षा, स्वच्छता एवं समग्र प्रबंधन का विस्तृत प्रतिवेदन जिलाधिकारी सहारनपुर के माध्यम से शासन को भेजा जाना चाहिए, जिससे इस मॉडल को प्रदेश के अन्य जनपदों में भी लागू किया जा सके।
उन्होंने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में जिलाधिकारी सहारनपुर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के नेतृत्व में प्रशासन, पुलिस तथा स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे समन्वित प्रयासों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं प्रयासों के कारण कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो रही है।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn more
Ok, Go it!