जौनपुर मड़ियाहूं प्रशासनिक न्यायालय में कार्यरत निजी कर्मचारियों (बाबुओं) द्वारा फाइलों के रख-रखाव एवं पेशी की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही देखने को मिल रही है। कभी फाइलों को अनावश्यक रूप से रोक लिया जाता है तो कभी निर्धारित तिथि पर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जाता, जिससे वादकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अतः प्रशासन से मांग है कि ऐसे कर्मचारियों को न्यायालयीन कार्यप्रणाली का समुचित प्रशिक्षण दिया जाए तथा कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। यदि 15 दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत एवं जनहित में आंदोलन करने पर विचार किया जाएगा।
— दर्शन ऋषि
अधिवक्ता
प्रदेश महासचिव, युवा कांग्रेस
मड़ियाहूं, जौनपुर
