लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए भारत तिवारी पुलिस मुठभेड़ (एनकाउंटर) मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है। शिवसेना के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अभय द्विवेदी ने इस कथित एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठाते हुए देश के माननीय प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजा है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या किसी अन्य स्वतंत्र उच्चस्तरीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में शिवसेना प्रदेश अध्यक्ष ने क्षेत्र की जनता और विशेषकर ब्राह्मण समाज में व्याप्त भारी आक्रोश का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर आम जनता के मन में गहरा असंतोष है।
प्रेस को जारी बयान में अभय द्विवेदी ने कहा:
"क्षेत्रीय जनता और समाज का एक बड़ा वर्ग इस मुठभेड़ को वास्तविक नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या मान रहा है। ऐसे में सच को सामने लाना बेहद जरूरी है। जनता की भावनाओं और न्याय की मांग को देखते हुए हमने माननीय प्रधानमंत्री जी से हस्तक्षेप की मांग की है।"
शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष स्नेहल करमरकर जी ने जोर देकर कहा कि केवल एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के माध्यम से ही कानून-व्यवस्था पर जनता का विश्वास बहाल किया जा सकता है। उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में कोई भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अंत में कहा कि शिवसेना पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और सच को सामने लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मीडिया संपर्क: प्रदेश मीडिया सेल,
शिवसेना, उत्तर प्रदेश
