रिपोर्ट - भोला ठाकुर
ग्रेटर नोएडा गौतम बुद्ध नगर फाउंडेशन फॉर रिसर्च एंड सोशल डेवलपमेंट (F.R.S.D.), जो वर्ष 1992 से सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रतिष्ठित गैर-लाभकारी संस्था है, द्वारा मदर्स डे के अवसर पर महिलाओं के सम्मान में एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 200 से अधिक महिलाओं, माताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृत्व के सम्मान के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, जागरूकता, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की अध्यक्ष लीना शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जब महिलाएँ आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होंगी तभी समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव होगा। उन्होंने कहा कि F.R.S.D. पिछले 34 वर्षों से महिलाओं एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा आगे भी समाजहित में इसी प्रकार कार्य करती रहेगी।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मीर सिंह, पूर्व ओएसडी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले, ने महिलाओं को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि मातृत्व त्याग, प्रेम और संस्कार की पहचान है। उन्होंने महिलाओं को शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सुनीता सिंघल, उद्यमी एवं समाजसेवी, ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को केवल परिवार तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक क्षेत्र में अपनी पहचान बनानी चाहिए। उन्होंने महिला स्वास्थ्य, मानसिक सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को महिलाओं के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया।
समाजसेवी नीरू वालिया ने महिलाओं को एकजुट रहने और एक-दूसरे का सहयोग करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएँ यदि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। उन्होंने माताओं के त्याग और समर्पण को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने खुलकर अपने विचार साझा किए और समाज को जागरूकता, आत्मनिर्भरता एवं एकजुटता का संदेश दिया। पिंकी वर्मा ने कहा कि कोई भी महिला स्वयं को कमजोर न समझे। महिलाएँ यदि संगठित हो जाएँ तो हर कठिनाई का सामना कर सकती हैं। उन्होंने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को महिला सशक्तिकरण की मजबूत नींव बताया।
प्रियंका ने कहा कि माँ से मिलने वाले संस्कार ही आने वाली पीढ़ियों को मजबूत बनाते हैं। वहीं सायमिका ने कहा कि आज की माताओं को बेटा और बेटी दोनों को समान रूप से शिक्षित एवं जागरूक बनाना चाहिए ताकि वे समाज के जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य महिलाओं — अनीता नगर, मधु, गुड़िया, योगिता वालिया, रजनी कौशिक, शशि गुप्ता, जया, ज्योति श्रीवास्तव, संगीता नेगी, पर्णिया, हरवीन, नीता, साजिया, रजनी, हंसा, मिथिलेश यादव, प्रीति कौशिक एवं उमा रावत सहित अनेक महिलाओं ने भी अपने विचार साझा किए और मातृत्व, शिक्षा एवं महिला सम्मान के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में मोटिवेशनल सेशन, जागरूकता गतिविधियाँ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं संवादात्मक चर्चाओं का आयोजन किया गया। महिलाओं को स्वास्थ्य, कौशल विकास, स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की गई।
F.R.S.D. द्वारा पिछले 34 वर्षों में 500 से अधिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे 4000 से अधिक महिलाओं को लाभ प्राप्त हुआ है। संस्था विभिन्न मंत्रालयों एवं सरकारी विभागों के साथ मिलकर कई सामाजिक कल्याण एवं सामुदायिक विकास परियोजनाओं पर भी कार्य कर चुकी है।
कार्यक्रम के अंत में सभी माताओं एवं महिलाओं का सम्मान किया गया तथा महिला जागरूकता, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि
मीर सिंह — पूर्व ओएसडी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले
डॉ. सुनीता सिंघल — उद्यमी एवं समाजसेवी
निर्मल वालिया — पूर्व निदेशक, भेल
रोहित कुमार — क्राइम एडिटर, न्यूज़ इंडिया 9 एवं दिल्ली उपाध्यक्ष, यूपीसीओ
लीना शर्मा — अध्यक्ष, F.R.S.D.
नीरू वालिया — समाजसेवी
पिंकी वर्मा — समाजसेवी
ठाकुर रामराज्य सिंह — समाजसेवी
