जौनपुर मछलीशहर। स्थानीय कस्बे से सटे खजुरहट गांव में हाईवे पर स्थित एक होटल में रविवार को दोपहर में राजस्व प्रशासन की टीम ने छापा मार कर 10 युवक और युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ने का दावा किया था।
जानकारी के अनुसार लडके और लड़कियों को पहले तहसील लाया गया जहां से बाद में सिर्फ लड़कियों को कोतवाली भेजा गया और लड़कों से पहले तहसील में ही पूछताछ की गई फिर बाद में कोतवाली भेजा गया।
तहसीलदार और नायब तहसीलदार विवेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में राजस्व की टीम ने उक्त होटल पर छापा मारा और वहां से 10 जोड़ों को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार करने का दावा किया गया। लगभग 5 घंटे तहसील में चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद सभी को क्लीन चिट दे दी गयी। इसके बाद कोतवाली में बैठाये गए युवकों को पुलिस ने छोड़ दिया। क्षेत्राधिकारी प्रतिमा वर्मा ने भी पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह पहला ऐसा मामला है जिसमें गिरफ्तार लोगों को पहले सीधे तहसील लाया जाता है और बाद में कोतवाली पहुंचाया जाता है।उन्होंने साफ कहा कि पुलिस को पहले से इसकी सूचना नहीं दी गई ।जब मौके पर भीड़ बढ़ने लगी तब पुलिस को बुलाया गया। पत्रकारों द्वारा जब नायब तहसीलदार विवेक श्रीवास्तव से पूछा गया कि इसमें नाबालिक लड़कियां कितनी थी और क्या होटल का आंगतुक रजिस्टर सील किया गया है। तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है और वह तहसीलदार से पूछ कर बताते हैं। जबकि छापेमारी की टीम का नेतृत्व वह स्वयं भी कर रहे थे। तहसील में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि उक्त छापेमारी सिर्फ धनउगाही के लिए की गई और जिसे पूरा करने के बाद सभी आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई। जबकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि छापेमारी में कुछ लड़कियां बिल्कुल नाबालिक लग रही थी। इस संबंध में जब उप जिलाधिकारी योगिता सिंह से जानकारी लेने के लिए कई पत्रकारों ने उनके सीयूजी नंबर पर फोन किया तो उनका फोन ही नहीं उठा। तू सेक्स रैकेट की छापेमारी में तहसीलदार नायब तहसीलदार से पूछने को ऑनलाइन तहसीलदार तहसीलदार से पूछने को कह रहे हैं जबकि पुलिस का कहना है कि उनकी तो इसमें कोई भूमिका ही नहीं है।
पूरे क्षेत्र में जोरों की चर्चा है कि उक्त छापेमारी से लाखों रुपए की धनउगाही धमकाकर की गई।
