*जौनपुर* जनपद के चौकियां मंडी परिषद स्थित सरकारी गेहूं क्रय केंद्र पर अव्यवस्थाओं का आलम इस कदर बढ़ गया है कि किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह की कमी और ट्रकों की अनुपलब्धता के चलते पिछले कई दिनों से गेहूं खरीद प्रक्रिया लगभग ठप पड़ी है। इससे किसान अपनी उपज बेचने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
क्रय केंद्र प्रभारी प्रीतम सिंह के अनुसार, मंडी परिसर में गेहूं रखने के लिए केवल तीन दुकानों का ही स्थान उपलब्ध कराया गया है, जो पूरी तरह भर चुका है। वहीं, परिवहन व्यवस्था भी चरमराई हुई है। हालात यह हैं कि पांच से छह दिन में एक ट्रक ही उपलब्ध हो पा रहा है, जिससे गेहूं का उठान समय पर नहीं हो पा रहा। उन्होंने बताया कि इस समस्या की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
दूसरी ओर, किसानों ने क्रय केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि प्रभारी द्वारा मनमाने तरीके से कुछ चुनिंदा किसानों का ही गेहूं खरीदा जा रहा है, जबकि अन्य किसानों को जगह, मजदूर और ट्रकों की कमी का हवाला देकर लौटा दिया जाता है। इससे किसानों में रोष व्याप्त है।
किसान जगदीश नारायण त्रिपाठी ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से लगातार मंडी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें किसी न किसी बहाने से वापस कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गेहूं खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुचारू बनाया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
