जनपद जौनपुर के सिकरारा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। फजायलपुर शारदा सहायक पुलिया के पास एक युवक के नहर में डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना के लगभग 24 घंटे बाद काफी मशक्कत के बाद शव बरामद किया गया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक की पहचान अरुण यादव (निवासी बोधापुर, थाना सिकरारा) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही वे तत्काल सिकरारा थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर गोताखोरों की मदद से शारदा सहायक नहर में लगातार शव की तलाश शुरू की।
काफी प्रयासों के बाद आखिरकार शव बरामद कर लिया गया। परिजनों का आरोप है कि इस पूरे मामले में पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। मृतक के दादा ने बताया कि अरुण यादव के साथ तीन अन्य युवक भी आए थे, लेकिन घटना के बाद वे उसे छोड़कर फरार हो गए। उन्हें इस घटना की जानकारी ग्रामीणों से मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे।
परिजनों का यह भी आरोप है कि जब शव बरामद हुआ तो उसे एक पिकअप में रखकर सिकरारा थाना गेट के सामने खड़ा कर दिया गया, जबकि उसी दौरान कुछ पुलिसकर्मी डीजे की धुन पर नाच रहे थे। इससे परिजनों में आक्रोश और भी बढ़ गया।
इतना ही नहीं, परिजनों का कहना है कि शव की तलाश के लिए आए गोताखोरों ने उनसे ₹6000 रुपये भी लिए, जबकि यह काम पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी थी।
इस मामले में जब सिकरारा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। वहीं जब मीडिया कर्मियों ने डीजे पर नाचने के आरोप के बारे में सवाल पूछा तो उन्होंने फोन काट दिया।
इस घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
