पालघर: वसई पुलिस स्टेशन की अपराध जांच इकाई ने गुमशुदा होने की सूचना मिलने के दो घंटे के भीतर ही लगभग 35 लाख रुपये मूल्य के 260 ग्राम (26 तोला) सोने के आभूषण बरामद कर लिए, जो पुलिस की त्वरित और कुशल कार्रवाई का प्रमाण है।
वसई निवासी 42 वर्षीय लिनेट एशले अल्मेडा ने 2 जनवरी, 2026 को रात लगभग 8 बजे वसई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उसी शाम लगभग 5 बजे उन्होंने बेसिन कैथोलिक बैंक, होली शाखा, वसई में स्थित अपने बैंक लॉकर से चूड़ियाँ, चेन, हार, सोने के बिस्कुट और झुमके सहित सोने के आभूषण निकाले थे। अलमेडा ने अपने दोपहिया वाहन की डिक्की में गहने रखकर बाजार में खरीदारी करने चली गई। घर पहुँचकर वाहन के स्टोरेज कंपार्टमेंट की जाँच करने पर उसने पाया कि गहने गायब हैं।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बालकृष्ण घडीगांवकर ने तुरंत अपराध जाँच इकाई को गहन और तत्काल जाँच करने का निर्देश दिया। पुलिस अधिकारी शिकायतकर्ता के साथ बैंक परिसर गए और बैंक तथा आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जाँच की।
जाँच के दौरान पता चला कि अनजाने में हुई गलती के कारण शिकायतकर्ता ने गहने पास में खड़ी एक मिलती-जुलती दोपहिया वाहन की डिक्की में रख दिए थे। आसपास के इलाके में शुरुआती तलाशी और स्थानीय लोगों से पूछताछ में कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस की दो अलग-अलग टीमें गठित की गईं और तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने गहनों का पता जुपिटर स्कूटर से लगाया।
आगे की जाँच में पुलिस को सुनीता फ्रेडी गोंसाल्वेस नाम की एक महिला स्कूटर चालक का पता चला, जो वसई की ही निवासी है। पूछताछ करने पर गायब गहने सही-सलामत बरामद कर शिकायतकर्ता को तुरंत लौटा दिए गए। शिकायत मिलने के दो घंटे के भीतर ही पूरी तलाशी अभियान को अंजाम दिया गया। अलमेडा ने पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया और मीरा-भयंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्त कार्यालय को उनकी प्रभावी और समयबद्ध सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।
