मेक इन मीडिया यह एक बहुत ही शक्तिशाली संकल्पना है जो लोकतंत्र और राष्ट्रीय विकास में मीडिया की अहम भूमिका को दर्शाती है।*
*यह संकल्प मुख्य रूप से तीन परस्पर जुड़े हुए विचारों पर आधारित है:*
I. सशक्त मीडिया: भ्रष्टाचार मुक्त भारत
सशक्त मीडिया का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व सरकार और सत्ता की निगरानी (Check and Balance) करना है, जिसके माध्यम से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगता है।
चौथा स्तंभ (Fourth Pillar): मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। इसका कार्य जनता के प्रहरी के रूप में कार्य करना और पारदर्शिता (Transparency) सुनिश्चित करना है।
जाँच और खुलासा (Investigation and Exposure): एक सशक्त मीडिया खोजी पत्रकारिता (Investigative Journalism) के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में होने वाले भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और सत्ता के दुरुपयोग का खुलासा करता है।
जनमत तैयार करना: मीडिया घोटालों को उजागर करके जनमत (Public Opinion) तैयार करता है, जिससे सरकार पर कार्रवाई करने और सुधार लाने का दबाव बनता है। यह अंततः एक जवाबदेह (Accountable) और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन की नींव रखता है।
II. सशक्त मीडिया: समृद्ध भारत का नवनिर्माण
समृद्ध भारत के निर्माण में मीडिया की भूमिका केवल आलोचना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सकारात्मक परिवर्तन का वाहक भी है।
जागरूकता फैलाना: मीडिया सरकार की विकास योजनाओं और नीतियों को जनता तक पहुँचाता है, जिससे वे उनका लाभ उठा सकें। यह नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक करता है।
शिक्षा और सूचना: यह स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान और तकनीक से संबंधित आवश्यक सूचनाएँ प्रदान करके समाज के मानव पूंजी को मजबूत बनाता है।
आर्थिक विकास को बढ़ावा: मीडिया निवेश, नवाचार और उद्यमिता की कहानियों को सामने लाकर आर्थिक माहौल को सकारात्मक बनाता है और देश की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करता है।
सामाजिक एकता: यह समाज में सद्भाव और एकता को बढ़ावा देता है, जो किसी भी देश की समृद्धि के लिए आवश्यक है।
III. महासंकल्प का सार
"सशक्त मीडिया भ्रष्टाचार मुक्त भारत एवं सशक्त मीडिया समृद्ध भारत का नवनिर्माण" का महासंकल्प यह मांग करता है कि मीडिया स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक होकर काम करे।
नैतिकता और सत्यनिष्ठा: मीडिया को स्वयं अपनी नैतिकता (Ethics) और सत्यनिष्ठा (Integrity) बनाए रखनी होगी ताकि उसकी विश्वसनीयता बनी रहे।
व्यावसायिक दबाव से मुक्ति: इसे व्यावसायिक हितों और राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर केवल राष्ट्र हित और जनहित को प्राथमिकता देनी होगी।
यदि मीडिया अपनी वास्तविक भूमिका निभाता है—यानी भ्रष्टाचार पर लगाम लगाए और सकारात्मक विकास को बढ़ावा दे—तो ही भ्रष्टाचार मुक्त और समृद्ध भारत के नवनिर्माण का यह महासंकल्प साकार हो सकता है।
