बनारस के बिजलिकर्मियो ने बिजली के निजीकरण के विरुद्ध आज 344वें दिन भी जमकर विरोध प्रदर्शन किया

बृज बिहारी दुबे
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रिपोर्ट एस बी सिंह निडर

संघर्ष समिति के घटक संगठनों ने बैठक कर सोमवार से आंदोलन तेज करने हेतु बनाई रणनीति साथ ही कैश काउंटर विभागीय रखने हेतु प्रबन्ध निदेशक से मिलेगा संघर्ष समिति का प्रतिनिधि मंडल

*बिजली अभियंताओं और कर्मचारियों के संगठनों ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को अस्वीकार्य बताते हुए केन्द्रीय विद्युत मंत्री को भेजे कमेन्ट: निजीकरण का कोई भी स्वरूप स्वीकार्य नहीं*
  *वाराणासी-06अक्टूबर।* संघर्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 344 वें दिन बनारस के बिजली कर्मियों ने प्रदेश के समस्त जनपदों की भांति ही बनारस  में पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के निर्णय के विरोध में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
     मीडिया प्रभारी अंकुर पाण्डेय ने बताया कि आज विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति वाराणासी के समस्त घटक संगठन पदाधिकारियो की एक अहम बैठक भिखारीपुर स्थित हनुमानजी मंदिर पर  हुई जिसमे मुख्यतः दो बिंदुओं को लेकर संघर्ष समिति आगे की कार्यवाही करेगी। मुख्य बिंदु इसप्रकार है*-
  *1.बैठक में मुख्य रूप से बिजली के निजीकरण के विरुद्ध जारी संघर्ष को और तेज करने हेतु सोमवार से सभी कार्यालयो का दौरा शुरू किया जाएगा दौरा कार्यक्रम के लिए टीम का गठन किया गया।*
 2. *विभागीय कैश काउंटर को मध्यांचल विधुत निगम ,पुराने ठेकेदारों द्वारा कलेक्शन कर भाग जाने के पुराने अनुभव एवं कर्मचारी हित मे 1-2दिन में प्रबन्ध निदेशक पूर्वांचल से समय लेकर कैश काउंटर विभागीय कर्मचारियों द्वारा ही संचालित कराने का मांग किया जायेगा।*
    वक्ताओ ने आज सभा को संबोधित करते हुये बताया कि ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन, बिजली कर्मियों के सभी राष्ट्रीय फेडरेशन और नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को समग्रता में अस्वीकार्य बताते हुए केन्द्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर को ड्राफ्ट बिल 2025 पर आज अपने कमेन्ट प्रेषित कर दिया है। 
       केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर को प्रेषित पत्र में लिखा गया है कि एनडीए सरकार में यह छठी बार है जब इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल लाया गया है। इसके पहले वर्ष 2014, वर्ष 2018, वर्ष 2020, वर्ष 2021 और वर्ष 2022 में कुल  5 बार इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल लाया जा चुका है और हर बार इसे व्यापक विरोध के चलते वापस लिया गया है। 
    संघर्ष समिति के  पदाधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) 2025 पूर्व में ले गए पांच बिलों जैसा ही है और इसका उद्देश्य संपूर्ण पॉवर सेक्टर का निजीकरण करना है जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि 09 दिसंबर 2021 को संयुक्त किसान मोर्चे के साथ हुए समझौते में तत्कालीन कृषि सचिव ने लिखित दिया था कि किसानों और स्टेक होल्डर्स को विश्वास में लिए बिना इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल नहीं लाया जाएगा यह उसका सरासर उल्लंघन है।
      संघर्ष समिति ने बताया कि बिल में सेक्शन 14, 42 और 43 के माध्यम से निजी कंपनियों को सरकारी क्षेत्र  के नेटवर्क का इस्तेमाल करने की अनुमति देना बैक डोर प्राइवेटाइजेशन है। विडंबना यह है कि सरकारी कंपनी नेटवर्क के परिचालन, अनुरक्षण, अपग्रेडेशन और उसके उच्चीकरण पर सारा पैसा खर्च करेगी और इस नेटवर्क का लाभ उठाकर पैसा कमाएंगी  प्राइवेट कंपनियां। 
      ड्राफ्ट बिल में कई आपत्तिजनक बातें हैं किंतु सेक्शन 86 ई के माध्यम से  राज्य के विद्युत नियामक आयोग के सदस्यों को हटाने का अधिकार केंद्र सरकार को  देना सीधे-सीधे राज्य के अधिकार में दखल है। ध्यान रहे बिजली संविधान में समवर्ती सूची में है जिसका तात्पर्य होता है कि बिजली के मामले में केंद्र और राज्य सरकारों के बराबर के अधिकार है। इस संशोधन से राज्य सरकार के अधिकारों का सीधे हनन हो रहा है। 
        इसी प्रकार संशोधन की धारा 166  ए में केंद्रीय इलेक्ट्रिसिटी काउंसिल बनाने का प्रावधान किया गया है। इस काउंसिल के माध्यम से केंद्र सरकार राज्यों को बिजली के मामले में निर्देश दे सकेगी। यह भी समवर्ती सूची में प्रदत्त राज्य सरकारों के अधिकार के विरुद्ध है।
      संघर्ष समिति ने कहा कि क्रॉस सब्सिडी समाप्त करने से  किसानों, गरीबों और घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली की कीमतों में इतनी वृद्धि हो जाएगी कि वे उसे खरीद पाने में सक्षम नहीं होंगे और यह देश को लालटेन युग में ले जायेगी।
     सभा को सर्वश्री ई0 मायाशंकर तिवारी,ई0एस के0सिंह,राजेन्द्र सिंह,कृष्णा सिंह,अंकुर पाण्डेय,रामकुमार झा,राजेश सिंह,हेमंत श्रीवास्तव, उदयभान दुबे,जयप्रकाश, रंजीत पटेल,कृष्णमोहन, पंकज यादव,अजित वर्मा,बृजेश यादव,अजय पाण्डेय, आदि ने संबोधित किया।
       
          *(अंकुर पाण्डेय)*
         मीडिया सचिव/प्रभारी
विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0,वाराणासी।

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