नबी की विलादत के 1500 साल पूरे होने पर सजी महफ़िल। पढ़े गए क़सीदे

बृज बिहारी दुबे
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रिपोर्ट एस बी सिंह निडर*

वाराणसी। 2 नवम्बरसरसूले पाक की विलादत को 1500 साल पूरे होने के मौके पर रविवार को ईमानिया अरबी कॉलेज, मुक़ीमगंज में मोमिनीने बनारस के तत्वाधान में अज़ीमुश्शान जश्न आयोजित हुआ। दिन में 10 बजे आयोजित होने वाले सेमिनार का आग़ाज़ कलामे पाक की तिलावत से मोलवी ताहिर जवाद ने किया तत्पश्चात जामिया ईमानिया के तुल्लाब ने नात पाक का नज़राना पेश किया। लखनऊ से आये हुए मौलाना फ़िरोज़ अली ने अपनी तक़रीर में नबी की सीरत पर रौशनी डाली। मौलाना नाज़िम अली खैराबादी ने तक़रीर करते हुए कहा कि जो भी लोग नबी के बारे में नहीं जानते उनको ज़रूरत है कि वो नबी की ज़िंदगी के बारे में पढ़े ताकि भ्रांतियां दूर हों। जामिया मिलिया, दिल्ली के प्रोफेसर इराक़ रज़ा ने अपनी तक़रीर में कहा कि क़ुरआन को नबी की सीरत से जोड़ कर देखा जाए तो आज दुनिया फिर से ख़ुशहाली की राह पर अग्रसर हो सकती है। मौलाना ज़मीर हसन ने तक़रीर करते हुए कहा कि इस्लाम नबी की सीरत से फैला है। अपने अपनी हयात में इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की के आज हर क़ौम हर क़बीले में उनके शैदाई मिलेंगे। दिल्ली से आये हुए मौलाना क़ाज़ी मुहम्मद अस्करी ने कहा कि हमको अपने किरदार को नबी के किरदार में ढालने की ज़रूरत है इसी में इंसान की कामियाबी है। सेमिनार का संचालन मौलाना अमीन हैदर ने किया और मौलाना अक़ील हुसैनी ने सभी आये हुए लोगों का शुक्रिया अदा किया।
   शाम 6 बजे से जलसे के दूसरे दौर का आग़ाज़ हुआ जिसका आग़ाज़ क़ारी इमाम अली ने तिलावते कलाम पाक से किया। महफ़िल में बाहर से आये हुए डॉक्टर महमूद मोहम्मदाबादी, मोहिब मोरानवी, अज़हर मोहानी, कुमैल इलाहाबादी, ताज छपरवी, इरफ़ान जंगीपुरी, यावर अनावी, ख़लील जलालपुरी, सलमान कलांपुरी, जिनां ज़फराबादी, काज़िम जारचवी समेत मोकामी शायरों जैसे प्रोफेसर अज़ीज़ हैदर, रेहान बनारसी, दिलकश ग़ाज़ीपुरी, अतश बनारसी, अतहर बनारसी समेत बहुत से शोअरा ने बारगाहे रिसालत में नातिया कलाम पेश किए। महफ़िल का संचालन मौलाना बाक़र बलयावी ने किया। इस अवसर पर सारे शोअरा को शाल पेश कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मौलाना बाक़र हैंसवी, मौलाना मेहदी रज़ा, मौलाना रिज़वान मारूफ़ी, मौलाना ज़ाएर हसन, मौलाना इक़बाल ईमानी, मौलाना इश्तियाक़ अली, मौलाना वसी असग़र, मौलाना शेर अली, मौलाना ज़हीर हसन, मौलाना गुलज़ार हैदर, ख़िज़्र अब्बास, ज़हीर हैदर, मुर्तुज़ा अब्बास शम्सी, हाजी आलिम हुसैन रिज़वी, शब्बीर बनारसी, ज़ुल्फ़िक़ार ज़ैदी, शौकत अली समेत सैकड़ों की संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। मुल्क के अमनो अमान और भाईचारगी की दुआ के साथ जश्न रात 11 बजे समाप्त हुआ। जश्न इन्तेज़ामिया कमेटी के कन्वीनर सैय्यद मुनाज़िर हुसैन मंजू ने शरीक हुए सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया।

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