नई दिल्ली।उत्तर प्रदेश के रायबरेली में सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अदिति सिंह के एक बयान ने शुक्रवार को एक नया विवाद खड़ा कर दिया। घंटाघर क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने पटरी दुकानदारों और पत्रकारों को धमकाने वालों को कड़ी चेतावनी दी, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर कोई पत्रकार को "5 जूते" मारेगा, तो वे उसे "10 जूते" मारेंगी।
*बयान पर प्रतिक्रिया और विवाद*
विधायक के इस बयान पर भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी के संस्थापक ए.के. बिंदुसार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस बयान को "राजनीतिक जुमलेबाजी" करार दिया और कहा कि यह एक तुच्छ बात है, जो पत्रकारों और स्थानीय लोगों को केवल "मुंगेरीलाल के हसीन सपने" दिखा रही है।
ए.के. बिंदुसार की मांगें
बिंदुसार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर विधायक महोदया सच में पत्रकारों के हित की बात करना चाहती हैं, तो उन्हें सदन में इन मुद्दों को उठाना चाहिए:
1- पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू करना।
2-उत्तर प्रदेश मीडिया कल्याण बोर्ड का गठन करना।
3- उत्तर प्रदेश में मीडिया पालिका की स्थापना करना।
4- सभी पत्रकारों (प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) के लिए प्रतिमाह कम से कम 25,000 रुपये का मानदेय देने की व्यवस्था लागू करना।
बिंदुसार ने कहा कि अगर विधायक इन मांगों पर तैयार हैं, तो वे उन्हें ज्ञापन पत्र सौंपने के लिए तैयार हैं।
*अतिक्रमण और अवैध वसूली का मामला*
विधायक अदिति सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब नगर पालिका और पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। त्योहारों को देखते हुए घंटाघर क्षेत्र में चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान, दुकानदारों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका कर्मचारी चालान के नाम पर उनसे अवैध वसूली कर रहे थे।
नाराज दुकानदारों ने तुरंत विधायक को फोन किया, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचीं और कुर्सी पर बैठकर स्थिति का जायजा लिया। इसी दौरान, उन्होंने यह विवादास्पद बयान दिया।
रिपोर्ट -सिम्मी भट्टी
