कहा, पत्थर निकालने के बाद यूं ही छोड़ दिए गए खदान सुरक्षा के लिए भी खतरनाक।
'ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लाक' ने गांडेय प्रखंड क्षेत्र में बंद हो चुके सभी पत्थर खदानों को बिना भरवाए यूं ही छोड़ दिए जाने का मामला उठाते हुए उसे भरवाने या फिर माइंस की मजबूत घेराबंदी कर उसमें जमा पानी का सिंचाई और मत्स्य पालन के लिए उपयोग कर स्थानीय किसानों को लाभ पहुंचाने की मांग की है।
इस बाबत आज पूर्व जिप सदस्य एवं फारवर्ड ब्लॉक नेता राजेश यादव ने गांडेय प्रखंड के कर्माटांड़ इलाके में, पत्थर निकालने के बाद यूं ही छोड़ दिए गए कुछ खदानों को देखने के उपरांत कहा कि, सही अथवा गलत तरीके से माइंस चलाने वालों ने पत्थर निकालने के बाद उसे भरा नहीं और खतरनाक हालत में ही छोड़ दिया है, जिससे कभी-भी जान-माल की क्षति की आशंका बनी रहती है।
कहा कि, माइंस के आसपास का जल स्रोत भी इसके कारण नीचे चला गया है। दूसरी ओर, अत्यंत गहरे इन खदानों में अथाह जमा पानी का कोई और उपयोग भी नहीं हो रहा, जबकि आसपास के खेतों में माइंस का पानी पहुंचा कर तथा माइंस में मत्स्यपालन कर स्थानीय किसानों को सीधे फायदा पहुंचाया जा सकता है।
श्री यादव ने कहा कि, माइंस के नाम पर माइंस संचालकों की मनमानी का ही यह नतीजा है। अतः सरकार को ऐसी गतिविधियों पर रोक लगानी चाहिए। पूर्व जिप सदस्य ने ऐलान किया कि, 'ऑल इंडिया अग्रगामी किसान सभा' तथा 'ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक' शीघ्र ही गांडेय प्रखंड के बंद माइंस क्षेत्र के किसानों को गोलबंद कर इसके लिए आंदोलन चलाएगी।
मौके पर फारवर्ड ब्लॉक नेता मनोज यादव, शनिचर सिंह, सोहेल महतो सहित अन्य मौजूद थे।
