*सरकार ने अब तक तीन लोकतंत्र के स्तम्भों -कार्यपालिका, चुनाव आयोग, मिडिया पर कब्जा कर लिया है! बचा था केवल न्यायपालिका , उसे कब्जा करने के लिए जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली को वरीयता क्रम में 57 वें नम्बर पर होने के बावजूद कांलीजियम सिस्टम से सुप्रीम कोर्ट का जस्टिस बनवा दिया, जिस दिन यह महारथी मुख्य न्यायाधीश बने, उसी दिन भारत का लोकतंत्र समाप्त मान लें, भारत में नये राजतंत्र का उदय होगा! नये दरवार में राजतंत्र का प्रतिक सेंगल रखा ही है!*
*फिर अपने मन के नागरिक रख सकेंगे, सभी मौलिक अधिकार समाप्त होगा, जो विरोध करेगा, बाहर गुंडे मारेंगे, न्यायाधीश इनके मनमाफिक फैसला देकर जेल भेजेगा!*
*जिसे चाहेंगे, वोट देगा, जिसे चाहेंगे राशन देंगे, जिसे चाहेंगे किसी भी पद पर बैठायेंगे, जिसे चाहे शिक्षा मिलेगा, जिसे चाहेंगे वह व्यवसाय देंगे। अगर आवाज उठाए तो देशद्रोह में जेल जाना होगा!*
*भाई मेरे, डरा नहीं रहा हूं, बता रहा हूं! अब भारत को गुलामी से कोई नहीं बचा सकता है!*
*कहते हैं कि सौ साल में एक बार गुलामी आती है, खैर!*
रिपोर्ट कृष्णकांत जायसवाल