मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज धान रोपाई करने वाली महिलाओं के बीच खेत के मेड पर बैठकर दो चुटकी धान की रोपाई कर फोटो खिंचवा कर सस्ती लोकप्रियता कमा रहीं हैं। जनता को भी बस इतने से ही मतलब है। बड़े स्तर पर ये किसानों को तब लाभान्वित करती जब उन नहरों का स्थलीय जायजा लेती जिन नहरों में पानी नहीं है। मछलीशहर जंघई मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से पहले इतने पेड़ काटे गए। पिछले वर्ष इस राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वृक्षारोपण भी हुआ लेकिन सिंचाई के अभाव में कितने पेड़ सूख गए उनके साथ फोटो खिंचवाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करती। मछलीशहर सहित जनपद के अलग-अलग रेंज में कुल कितने टैंकर हैं उसके बारे में अधिकारियों से बात करती लेकिन इतना अधिक शिक्षित होने के बावजूद वह भी वही कर रहीं हैं जिससे सस्ती लोकप्रियता हासिल हो जाये।
नीति निर्माण के लिए इन्हें जनता ने चुना है लेकिन कृषि और पर्यावरण के लिए आज तक कोई बड़ा विजन इनके अंदर देखने को नहीं मिला।लोक हित के मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करवाने की जिम्मेदारी विपक्ष की होती है लेकिन यहां विपक्ष का ध्यान आकर्षित करवाने का कार्य मिडिया को करना पड़ रहा है।
