रिपोर्ट - भोला ठाकुर
गौतम बुद्ध नगर 22 मई 2026 आज जिला कलेक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपकर नोएडा में निजी अस्पतालों को जमीन आवंटित करने के बजाय प्राधिकरण द्वारा सरकारी अस्पताल बनाए जाने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में कहा गया कि नोएडा अथॉरिटी ने दो अस्पतालों के प्लॉट बोली प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित करने के लिए निकाले हैं, जबकि नोएडा क्षेत्र में पहले से लगभग 95 प्रतिशत अस्पताल निजी क्षेत्र के हैं। ऐसे में आम आदमी, नौकरीपेशा वर्ग, किसान और मजदूरों के लिए निजी अस्पतालों का भारी-भरकम खर्च उठाना बेहद कठिन हो जाता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि क्षेत्र के लाखों लोगों के पास सस्ते और सुलभ इलाज का कोई प्रभावी विकल्प नहीं है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर समस्या बनी हुई है।
एक्टिव सिटिज़न टीम ने मांग की कि प्राधिकरण निजी संस्थानों को भूमि देने के बजाय स्वयं सरकारी अस्पतालों का निर्माण करे, ताकि आम जनता को बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
संगठन के सदस्यों ने बताया कि इससे पहले भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा चार प्लॉट निजी अस्पतालों को आवंटित किए जा चुके हैं, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया था। इसके बावजूद पुनः निजी अस्पतालों के लिए प्लॉट निकाले जाने से लोगों में नाराजगी है।
आज ज्ञापन सौंपने वालों में मंजीत सिंह, साधना सिन्हा, हरेंद्र भाटी, आलोक सिंह, सुनील प्रधान एवं रमेश प्रेमचंदानी उपस्थित
