इन सीटों में से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की अगुवाई कर रही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 6 सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी शिवसेना (UBT) को एक सीट मिली. एक सीट मौजूदा सदस्य के मध्यावधि इस्तीफे के कारण खाली हुई थी, जबकि अन्य सीटें विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनावों के तहत भरी जानी थीं.
सभी निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन हुए खारिज
चुनाव के लिए कुल 14 नामांकन दाखिल किए गए थे, जिनमें चार निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल थे. हालांकि, अनिवार्य शर्तें पूरी न करने के कारण इन निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन खारिज कर दिए गए जिससे मैदान में केवल 10 उम्मीदवार ही रह गए.
नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि सोमवार (4 मई) थी. क्योंकि अतिरिक्त कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं रहा, इसलिए सभी 10 उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया.
बीजेपी की ओर से जीते ये उम्मीदवार
बीजेपी की ओर से निर्वाचित उम्मीदवारों में सुनील विनायक कर्जतकर, माधवी नाइक, संजय नत्थूजी भेंडे, विवेक बिपिंदादा कोल्हे और प्रमोद शांताराम जठार शामिल हैं. पार्टी ने एक अलग उपचुनाव के लिए पूर्व कांग्रेस एमएलसी प्रज्ञा राजीव सातव को भी मैदान में उतारा है.
