धर्म व जाती के आधार पर भेद भाव घोषित हो गंभीर अपराध सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

बृज बिहारी दुबे
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वोट के लिए तुष्टिकरण को निम्न स्तर तक सत्ताधारी राजनीतिक पार्टियां गिरती जा रही है। भारतीय संविधान में जन्म के आधार पर धर्म अथवा जातिगत भेद भाव निषेध माना गया है किंतु सरकार जन्म के आधार पर या धर्म  अथवा जातिगत आरक्षण लगाकर समाज में विद्वेष पैदा कर रही है जबकि सरकार को धर्म जाति के आधार पर भेद भाव को गंभीर अपराध घोषित कर देना चाहिए ये बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे सवर्ण समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए कह रहे थे सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे जनपद सोनभद्र के सोम पैलेस में  लोगो से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता सर वि एन राऊ जी एवं संविधान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद थे संविधान सभा में सात समितियां बनाई गई थी जिसमे प्प्रारूप समिति में डॉ वी आर अम्बेडकर की शामिल किया गया था किन्तु  कालांतर में कतिपय षड्यंत्र कारी राजनीतिज्ञों ने निहित स्वार्थ में वशीभूत होकर संविधान सभा के लेखन समिति में शामिल सदस्यों को नजर अंदाज कर शीर्फ और शिर्फ़ डॉ अंबेडकर को  संविधान निर्माता, रचयिता आदि आदि नामों से सम्बोधित कर के बाकी संविधान के रचयिता विद्वानों का उपहास उड़ाने में जुटे हैं । वर्तमान सरकार सवर्ण  की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने में जुटी हुई है जिसका ज्वलंत उदाहरण यूजीसी है हालांकि उक्त पर माननीय उच्चतम न्यायालय ने रोक लगाकर थोड़ी राहत दी है किंतु सरकार को यूजीसी एक्ट को तत्काल निरस्त कर देना चाहिए चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों से अपील किया कि सवर्ण समाज को अपने अस्तित्व को बचाने हेतु एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व मे सवर्ण के तीसरे विकल्प में जुड़ना चाहिए ,सवर्ण आर्मी भारत के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला ने बताया कि 12 मई को एडवोकेट अनिल मिश्रा जी राष्ट्रीय अधिकार मंच राम के राष्ट्रीय अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री, जनसामान्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जुगल किशोर तिवारी जी जनपद सोनभद्र में आ रहे हैं जिसके स्वागत अभिनंदन की तैयारी की जा रही है

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