हरीश राणा पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र थे, इसी दौरान साल 2013 में वह अपने पीजी की चौथी मंजिल से गिर गए थे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें लगी. इसी कारण उन्हें 100% क्वाड्रीप्लेजिक डिसेबिलिटी हो गई. वह पिछले 13 सालों से 'परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट' में बिस्तर पर हैं. कोर्ट ने इस मामले में परिवार, मेडिकल बोर्ड और केंद्र सरकार के साथ लंबी और बहुस्तरीय चर्चा की है और जनवरी 2026 में फैसला सुरक्षित रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में_* हरीश राणा की लंबी बीमारी के दौरान उनके परिवार द्वारा दिखाए गए अटूट समर्थन को स्वीकार किया. बेंच ने कहा कि राणा का परिवार कई साल बीत जाने के बावजूद भी उनका साथ नहीं छोड़ा और उनकी देखभाल करता रहा
वो अब ठीक नहीं हो सकते...' देश में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने दी इच्छामृत्यु की इजाजत, गाजियाबाद के 13 साल से अचेत हरीश को मिली इजाजत*
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March 12, 2026
