गाजियाबाद। वसुंधरा सेक्टर–15 स्थित साईं मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का प्रथम दिवस आज अत्यंत भव्य, श्रद्धामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ भव्य कलश यात्रा एवं भंडारा पूजन के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
कथा व्यास कृष्णा संजय जी महाराज, पीठाधीश्वर मोहन गोकुलधाम, हरिद्वार द्वारा प्रथम दिवस की अत्यंत मधुर एवं ज्ञानवर्धक कथा का श्रवण कराया गया। महाराज श्री ने अपने प्रवचन में बताया कि *कलियुग में श्रीमद् भागवत का प्रभाव अत्यधिक महान है*, इसलिए प्रत्येक गली-मोहल्ले में भागवत कथा का आयोजन होना चाहिए, क्योंकि भागवत मानव जीवन के अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का प्रकाश फैलाती है।
आज के महत्व पर चर्चा करते हुए महाराज श्री ने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि — *कोई बाल में बड़ा होता है, कोई आयु में बड़ा होता है, कोई धन में बड़ा होता है, किंतु जो ज्ञान में बड़ा होता है वही वास्तव में सबसे बड़ा होता है।* उन्होंने भागवत की महिमा बताते हुए कहा कि ज्ञान सूर्य के समान है, जो मानव के हृदय में बैठे अज्ञान के अंधकार को दूर कर देता है और जीव को गोविंद की प्राप्ति के मार्ग पर अग्रसर करता है।
महाराज श्री की प्रवचन शैली अत्यंत मधुर, सरल एवं हृदयस्पर्शी रही। विशेष रूप से युवा वर्ग को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रेरक संदेश दिया कि *युवा ही देश का भविष्य हैं*, अतः उन्हें संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।
भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर नृत्य करते रहे और संपूर्ण वातावरण भक्ति रस से सराबोर हो गया। इस पावन अवसर पर आयोजक **तुलस्यान परिवार**, **अमृताज वीरांगना संगठन** सहित क्षेत्र की समस्त जनता जनार्दन की गरिमामयी उपस्थिति रही।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी कथा में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया। यह आध्यात्मिक आयोजन क्षेत्र में श्रद्धा, ज्ञान और भक्ति का सुंदर संगम बनकर उभर रहा है।
