प्रतापगढ संजय पांडे राजनीतिक क्षेत्र में ऐसा जाना माना नाम बन चुका है जनपद में जो हर क्षेत्र हर वर्ग में बड़े इज्जत के साथ लिया जाता है..
संजय पांडे के पिता सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे स्व: राजाराम पांडे के आकस्मिक निधन के बाद संजय पांडे की सक्रिय राजनीति में एंट्री हुई...
हालांकि चुनावी परिदृश्यों में इन्हें खराब अनुभवों के दौर से गुजरना पड़ा..
लेकिन पिता की बनाई गई समृद्ध राजनीतिक विरासत और लोगों के स्नेह ने उन्हें इस मैदान में जोड़े रखा।
संजय पांडे ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, जाति धर्म क्षेत्र की राजनीति न कर सभी को अपना परिवार का हिस्सा माना...
उसी थीम पर बढ़ती उनकी राजनीति आज जनपद में एक ऐसा स्थापित मुकाम बना चुकी है जिसका कायल सपा का शीर्ष नेतृत्व अखिलेश यादव स्वयं रहते हैं।
संजय पांडे ने बिना किसी भेदभाव के जनसेवा को अपना लक्ष्य बना लिया...
परिणाम में आज जिले में चाहे विधानसभा कोई भी हो, लोगों की जुबान पर संजय पांडे का नाम चल रहा है..
अपनी मेहनत लगन धैर्य और निष्ठा के दम पर संजय पांडे ने एक अलग पहचान स्थापित की है।
जिसकी बदौलत आज वह जिले में समाजवादी पार्टी के ब्रांड नेता के तौर पर अपनी पहचान व मुकाम बना चुके हैं...
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बार अपने इस ब्रांड नेता का एकदम सही उपयोग कर सकते हैं।
जिसका असर जिले की राजनीति के साथ साथ आस पास के जिलों पर हो सकता है।
