जौनपुर फर्जी ऑनलाइन फर्म बनाकर देशभर में 100 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले शातिर साइबर अपराधी को कोतवाली पुलिस और साइबर क्राइम थाना की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से चिह्नित संदिग्ध मोबाइल नंबर का उपयोग कर लंबे समय से साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता एवं क्षेत्राधिकारी साइबर देवेश सिंह के निर्देशन और निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विश्वनाथ प्रताप सिंह तथा साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह और राजेश यादव के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने थाना कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 08/26 धारा 406, 419, 420, 467, 468, 471 भादवि से संबंधित वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी प्रियम श्रीवास्तव ने ‘राजरिता’ नाम से फर्जी ऑनलाइन फर्म बनाकर ए-4 साइज पेपर और नोटबुक सप्लाई का झांसा देकर लोगों से ऑर्डर लिया करता था। वह ग्राहकों से अपने तथा परिजनों के बैंक खातों में रकम मंगवा लेता था। जब ग्राहक डिलीवरी के लिए संपर्क करते, तो आरोपी इनवाइस मेकर ऐप से फर्जी बिल और पिक्सआर्ट ऐप के जरिए डीटीडीसी कूरियर की फर्जी बिल्टी बनाकर व्हाट्सएप पर भेज देता था, जबकि माल कभी डिलीवर नहीं किया जाता था।
इसके बाद वह एक्सपोर्टर इंडिया और इंडिया मार्ट जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से ऑनलाइन वेबसाइट पर नए ग्राहकों की तलाश करता था। साथ ही गेमिंग प्लेटफार्म के जरिये भी लोगों से पैसे मंगवाकर अपने खातों में जमा कराता था। जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 से अब तक आरोपी के बैंक खातों में एक करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुई है।
साइबर पुलिस पोर्टल पर जांच करने पर आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों से कुल 21 एनसीआरपी (NCRP) शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
