ज्ञान गंगा महोत्सव: श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन रुक्मिणी विवाह एवं उद्धव चरित्र का हुआ भावपूर्ण वर्णन।

बृज बिहारी दुबे
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रिपोर्ट  भोला ठाकुर 




नोएडा, सेक्टर-49।नोएडा सेक्टर-49 स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान गंगा महोत्सव के छठे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय संत स्वामी पद्मानंद आचार्य जी महाराज ने कथा के दौरान रुक्मिणी विवाह एवं उद्धव चरित्र का अत्यंत भावपूर्ण और सारगर्भित वर्णन किया।

कथा में स्वामी पद्मानंद आचार्य जी महाराज ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग के माध्यम से बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाह सच्ची भक्ति, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। रुक्मिणी जी का श्रीकृष्ण को पत्र लिखकर सहायता मांगना यह दर्शाता है कि जब भक्त पूर्ण श्रद्धा से प्रभु को पुकारता है, तो भगवान स्वयं उसकी रक्षा के लिए आते हैं।

इसके पश्चात उद्धव चरित्र का वर्णन करते हुए महाराज जी ने कहा कि उद्धव जी भगवान श्रीकृष्ण के परम सखा और महान ज्ञानी थे, लेकिन गोपियों की निष्कलंक भक्ति के सामने उनका ज्ञान भी नतमस्तक हो गया। गोपियों की प्रेम भक्ति से उद्धव जी को यह संदेश मिला कि ईश्वर को पाने का सबसे सरल मार्ग प्रेम और भक्ति है।

कथा के दौरान श्रद्धालु भजनों पर भावविभोर होकर झूमते नजर आए। पूरे मंदिर परिसर में “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष गूंजते रहे। बड़ी संख्या में भक्तों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।

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