अयोध्या के इनायतनगर थाना क्षेत्र के चिखड़ी पूरे पिडोरिया गांव में एक 85 वर्षीय दिव्यांग वृद्ध के घर और खेत का कथित तौर पर जबरन बैनामा करा लिया गया है। पीड़ित वृद्ध के बेटे ने इस मामले में गांव के ही एक लेखपाल दंपती पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके पिता न तो देख सकते हैं और न ही चल-फिर सकते हैं, फिर भी उनके नाम से संपत्ति का बैनामा कराया गया।
ग्रामीणों और पीड़ित के अनुसार, 85 वर्षीय जेठू पिछले लगभग दस वर्षों से दोनों आंखों से पूरी तरह दृष्टिहीन हैं। उनके हाथ-पैर भी काम नहीं करते और वे चारपाई पर ही पड़े रहते हैं। इस असहाय स्थिति के कारण वे स्वयं कहीं आ-जा नहीं सकते। आरोप है कि इसी कमजोरी का फायदा उठाकर उनसे दबाव में दस्तावेजों पर अंगूठा लगवा लिया गया।
महाराष्ट्र में मजदूरी कर रहे पीड़ित दूधनाथ ने बुधवार को इनायतनगर थाने में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि रोजी-रोटी के लिए वे कई सालों से बाहर रह रहे थे। इसी दौरान उनके पिता जेठू के नाम प्रधानमंत्री आवास और खेत का गिरिजा प्रसाद ने अपनी पत्नी के नाम बैनामा करा लिया। दूधनाथ जब घर लौटे, तो उन्होंने देखा कि उनके मकान को तोड़कर वहां रखी ईंटें और अन्य सामान गिरिजा प्रसाद अपने घर ले जा रहे थे।
विरोध करने पर दूधनाथ को बैनामा होने की जानकारी दी गई, जिसे सुनकर वे हैरान रह गए। पीड़ित ने गिरिजा प्रसाद और उनकी पत्नी चंद्रकला पर जमीन और मकान हड़पने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। बैनामा होने से पहले वृद्ध की बड़ी बेटी उन्हें अपने घर ले गई थी।
थानाध्यक्ष रतन कुमार शर्मा ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है। प्रकरण की जांच की जा रही है और तथ्यों के सामने आने पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
