विधवा को न्याय नहीं, दबंगों को संरक्षण!बीकापुर में मृतक को कुंवारा बताकर हड़पी 30 बीघा जमीन

बृज बिहारी दुबे
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मोतीगंज/अयोध्या बीकापुर तहसील क्षेत्र में एक विधवा महिला को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, जबकि दबंगों ने सरकारी रिकॉर्ड से लेकर तहसील तक मिलीभगत कर मृतक को कुंवारा घोषित कर करीब 30 बीघा जमीन हड़प ली। हैरानी की बात यह है कि पूरे मामले की शिकायत के बावजूद थाना कोतवाली बीकापुर ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की।

ग्राम रामपुर जोहनपुर निवासी प्रेम कुमारी, पत्नी स्व. सुनील कुमार उपाध्याय ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि उनके पति सुनील कुमार का निधन 3 अगस्त 2021 को हुआ था। पति के मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंक अभिलेख, परिवार रजिस्टर सहित सभी दस्तावेजों में वह विधिवत पत्नी दर्ज हैं, बावजूद इसके ससुराल पक्ष ने साजिश के तहत मृतक को अविवाहित बताकर संपत्ति पर कब्जा कर लिया।

पीड़िता के अनुसार, मृतक के भाई अनिल कुमार उपाध्याय, उसकी पत्नी बिन्दुलता और पुत्र ने तहसीलदार न्यायिक मिल्कीपुर के समक्ष गलत तथ्य प्रस्तुत कर 11 नवंबर 2025 को धोखाधड़ी से नामांतरण करा लिया। आरोप है कि यह सब जानबूझकर और पूर्व नियोजित तरीके से किया गया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 15 नवंबर 2025 को थाना कोतवाली बीकापुर में लिखित शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। तहसील और प्रशासनिक अधिकारियों को भी बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिला।

अब पीड़िता ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। सवाल यह है कि
👉 क्या विधवा की जमीन हड़पने वालों को प्रशासन का संरक्षण मिला है?
👉 जब दस्तावेज़ मौजूद हैं, तो पुलिस किस दबाव में खामोश है?

यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अगर पीड़ित कमजोर हो, तो सिस्टम कैसे आंख मूंद लेता है।

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