नई दिल्ली, - अमृता वीरांगना फाउंडेशन अमृता मौर्या के तत्वावधान में तिहाड़ जेल संख्या-4 में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत साप्ताहिक आत्मज्ञान यज्ञ का सफल आयोजन किया गया। इस पावन आध्यात्मिक कार्यक्रम का उद्देश्य कारागार में निवासरत बंदियों के मध्य आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों, आत्म-परिवर्तन, सकारात्मक सोच एवं मानसिक शांति का संचार करना था।
मोहन गोकुलधाम पीठाधीश्वर कृष्णा संजय जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित श्रीमद् भागवत महापुराण के दिव्य उपदेशों के माध्यम से भक्ति, धर्म, कर्म, क्षमा एवं आत्म-उत्थान का भाव जागृत किया गया। इस अवसर पर 850 कैदियों ने शपथ ग्रहण किया कि वे जाने-अजाने में कोई भी पाप कर्म नहीं करेंगे, बल्कि दूसरों को भी करने से रोकेंगे और ऐसा कोई कृत्य नहीं करेंगे जिसके कारण जेल में जाना पड़े।
उन्होंने संकल्प लिया कि वे जहां हैं, वहीं से देश की सेवा करेंगे और भारतवर्ष को अपराध मुक्त बनाने में अपने मन, कर्म, वचन और वाणी से कार्य करेंगे। सातों दिनों तक कथा का संचालन अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन एवं समर्पण भाव से किया गया, जिसे उपस्थित सभी श्रोताओं द्वारा आदर एवं उत्साह के साथ ग्रहण किया गया।
इस आयोजन में भाग लेने वाले कैदी बड़े भावुक थे और उनका मन पश्चाताप के आंसुओं से भरा हुआ था। कारागार जैसे सुधारात्मक वातावरण में इस प्रकार के आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन करना समाज-हित में एक प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय प्रयास है।
अमृता वीरांगना फाउंडेशन अमृता मौर्या के समर्पित प्रयास हार्दिक प्रशंसा के पात्र हैं। हम उनके उज्ज्वल भविष्य एवं समाज तथा मानवता के कल्याण हेतु निरंतर सेवा के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित करते हैं।
अमृता वीरांगना फाउंडेशन, अमृता मौर्या ने तिहाड़ जेल प्रशासन का भी आभार व्यक्त करती है, जिनका सहयोग इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उनके प्रयास सराहनीय हैं और हम उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हैं।
*मुख्य सहयोगी:*
*अशोक मौर्य जी (डायरेक्टर) भाई राजेश नरवाल जी (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर)* भाई साक्षी काकरिया जी, भाई योगेश गुप्ता जी,भाई अशोक जी,भाई सचिन वत्स जी,पायलट अनिल शर्मा,भाई पी के महंत जी,अशोक प्रिंट
इन मुख्य सहयोगियों के माध्यम से कार्यक्रम का आयोजन किया गया और उनकी सहायता से यह कार्यक्रम सफल रहा।
