रिपोर्ट राजन सिंह
जौनपुर कोटेदार संघ ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर डीएसओ को दिया ज्ञापन। कोटेदारों ने अपने कमीशन में वृद्धि की मांग की। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और ई-मशीनें जमा करने को कहा परन्तु जिला पूर्ति अधिकारी ने समझा बुझा कर मशीन नही जमा किया।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के उचित दर विक्रेता खाद्यान्न और चीनी पर लाभांश बढ़ाने और न्यूनतम आय गारंटी की मांग लगातार कर रहे हैं।
कोटेदार सरकार के निर्देशों के अनुसार राशन वितरण करते हैं। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निःशुल्क वितरण किया। इस दौरान ई-पास मशीन से ईमानदारी से वितरण के लिए उनकी सराहना हुई और उत्तर प्रदेश सरकार को भारत सरकार से प्रशस्ति पत्र भी मिला।
कोटेदार आयुष्मान कार्ड, किसान फार्मर रजिस्ट्री और वोटर लिस्ट संशोधन जैसे अन्य सरकारी कार्यों में भी सहयोग करते हैं। कोटेदारों को खाद्यान्न पर केवल 90 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश मिलता है। इसकी तुलना में, हरियाणा में 200 रुपये, गोवा में 220 रुपये, केरल में 200 रुपये और दिल्ली में 200 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश दिया जा रहा है। गुजरात में 20,000 रुपये की न्यूनतम आय गारंटी भी दी जाती है।
संघ की मांग है कि अन्य राज्यों की तरह लाभांश और न्यूनतम आय गारंटी प्रदान की जाए, ताकि बढ़ती महंगाई में उनके परिवारों का भरण-पोषण हो सके। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो कोटेदार 28 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और विधानसभा घेराव करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार की होगी। बड़ी संख्या में कोटेदार मौजूद रहे।
