आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान/प्रबुद्ध सम्मेलन टिफिन के साथ

बृज बिहारी दुबे
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  रिपोर्ट एस बी सिंह (निडर) 

आज दिनांक 13 नवंबर को भारतीय जनता पार्टी महानगर कार्यालय गुलाब बाग  पर आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान प्रोफेशनल सम्मेलन महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि के अध्यक्षता में आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय   के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। 
सम्मेलन को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहां प्रधानमंत्री की प्रेरणासे भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर व्यक्ति अपनी अपनी तरफ से योगदान दे रहा है। पिछले दिनों ऐसा देखने को मिला , दिवाली एवं छठ के त्योहारों पर लोगों ने अधिक से अधिक स्वदेशी सामानों की खरीदारी की । स्वदेशी के इस अभियान से हमारे घर के साथ-साथ स्वदेशी में लगे सभी  छोटे या बड़े उद्यमी के घर में खुशी आती है।
मैं आप सभी लोगों से अपील करता हूं, की सभी व्यापारी वर्ग से संपर्क करें एवं उन्हें स्वदेशी खरीदने एवं स्वदेशी बेचने का संकल्प पत्र भी भरवाये । स्वदेशी अभियान जब तक जन जन तक एवं हर घर तक नहीं पहुंचेगा तब तक आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प पूरा नहीं होगा ।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा स्वदेशी राष्ट्रवादी विचारधारा के लोगों का अभियान है, और यही हमारा मूल मंत्र है। भारत बहुत पहले से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर राष्ट्र था, बाहरी लोग इसीलिए व्यापार करने की दृष्टि से भारत आए ,जिसमें इंग्लैंड पुर्तगाल प्रमुख रहे। सिंधु घाटी की सभ्यता नगरीय सभ्यता थी। उस समय बेहतर ढंग से बसा नगर भारत की संपन्नता दर्शाता है। 
चोल साम्राज्य भी नियोजित ढंग से बसा हुआ साम्राज्य था ,जिसमें ग्राम पंचायत तक के लोग आत्मनिर्भर थे।  मौर्य वंश में भी हमारे भारत में सब कुछ ठीक था और हम आत्मनिर्भर थे। मुगल काल में भारत  विदेशी आयात पर निर्भर हो गया। कांग्रेस के शासनकाल में भारत में निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया और आयात पर बड़ी मात्रा में राहत देकर आयात को बढ़ावा दिया गया एवं भारत की अर्थव्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया गया। 
  दतोपंत ठेंगड़ी ने कहा था जब तक भारत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं होगा समृद्धि नहीं हो सकती। किसान और श्रमिक हमारी अर्थव्यवस्था की नींव है, जब तक यह वर्ग संपन्न नहीं होंगे, व्यक्ति कमजोर होता जाएगा। प्रधानमंत्री ने स्वदेशी ,स्वभाषा व स्व भेषभूसा का नारा दिया । हम लोगों ने प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से पंचप्रण को अपनाते हैं, जिसमें स्वकुटुंब, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, और स्वदेशी। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत अभियान के स्वरूप आज भारत की पहचान निर्यातक देश के रूप में विश्व में होने लगी है। भारत नीति निर्माता भी बन गया है। स्वदेशी बाजार के लिए सड़कों का नेटवर्क भी बना । आज एक्सप्रेस वे पर फाइटर जेट भी उतर रहे हैं। भारत आज सैन्य हथियारों का भी निर्यात कर रहा है। 
मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया यह सब आत्मनिर्भर भारत के अभियान है। वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर वोकल बड़ी संख्या में युवा अपनाते हुए , अपना स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं जो भारत को आत्मनिर्भर  बनाने में अपना योगदान दे रहे हैं।
हमें इस अभियान को निरंतर जारी रखना है। विदेशी सामानों से बचना है, एवं हर घर स्वदेशी अपनाना है। 
सम्मेलन में सभी लोग अपने-अपने घरों से टिफिन लेकर आए थे, जो कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी लोगों ने एक दूसरे से साझा किया। कार्यक्रम का संचालन अशोक जाटव ने किया।
 धन्यवाद प्रकाश आत्मा विश्वेश्वर ने किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जगदीश त्रिपाठी, अशोक पटेल, चंद्रशेखर उपाध्याय, मधुकर चित्रांश,अशोक यादव,साधना वेदांती ,रचना अग्रवाल,गीता शास्त्री,कुसुम पटेल, साधना गोंड,अशोक यादव, विभव सिंह,साधना पाण्डेय,दीपा राव,साधना सिंह , माधुरी, अर्चना,सरिका गुप्ता,संदीप रावत, शोभनाथ मौर्य,  सिद्धार्थ सिंह, अजय गुप्ता, अनुपम गुप्ता, हरि केसरी, जेपी सिंह, अरुण सिंह ,योगेश वर्मा,प्रमील पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।
प्रेषक:
अशोक कुमार पांडेय
सह संयोजक मीडिया संपर्क विभाग
काशी क्षेत्र

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