रिपोर्ट सत्यदेव पांडे
डाला/सोनभद्र/ डाला बाजार में चर्चा पर चर्चा हो रही है की अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत अध्यक्ष की बात को बिल्कुल नहीं सुनते और ना ही कोई तालमेल रखना चाहते हैं यह ठेकेदारों से मिली भगत करके नगर में हो रहे कार्यों को बिना नगर पंचायत अध्यक्ष के मौजूदगी में अपना काम करते रहते हैं जबकि ऐसा कतई नहीं होना चाहिए लेकिन यहां कुछ और ही चल रहा है लोगों की माने तो एक आदिवासी घर की महिला जो डाला कि प्रथम नागरिक के तौर पर जनता ने उन्हें चुना है ।आज जब माननीय मुख्यमंत्री महोदय का आगमन जनपद में होने जा रहा है ।वह भी आदिवासी समाज के भगवान कहे जाने वाले बिरसा मुंडा की जयंती पर उनका आगमन हो रहा है और एक तरफ एक आदिवासी समाज की बिटिया को जनता जनार्दन ने चुनकर के नगर के विकास के लिए अपना उत्तराधिकारी चुना है ऐसे आदिवासी समाज की बिटिया की बात को अधिशासी अधिकारी अपने तानाशाही रवैया के कारण कुछ नहीं समझते जिसका जीता जागता उदाहरण कल दिनांक 10 को डाला चूड़ी गली में बन रही नाली निर्माण के दौरान देखने को मिला वार्ड नंबर 7 में बन रही नाली को जो पूर्व में ग्राम पंचायत के द्वारा नाली बनी हुई है उस स्थान पर नाली का निर्माण होना चाहिए था जो कि नहीं हो रहा था जिसकी शिकायत मिलने पर नगर पंचायत अध्यक्ष महोदया मौके पर निरीक्षण किया तो पाया कि यह काम वास्तव में गलत हो रहा है जिसको तत्काल रोकने का आदेश देते हुए यह कहा गया कि जब तक इस सड़क की नापी नहीं कराई जाती तब तक नाली निर्माण नहीं होना चाहिए अध्यक्ष के जाने के तुरंत बाद ही अधिशासी अधिकारी मौके पर पहुंचते हैं और नाली निर्माण चालू करा देते हैं इससे तो जाहिर होता है कि अध्यक्ष की बात को अधिशासी अधिकारी नहीं मानते हैं यह चर्चा पूरे डाला परिक्षेत्र में देखने और सुनने को मिल रहा है । स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे अधिकारी को तत्काल यहां से हटाया जाए जो अपने अध्यक्ष की बात को भी नहीं मानता हो स्थानीय निवासियों ने मांग किया है कि सड़क में बना रहे नाली पूर्व जगह पर ही बने नई जगह पर बनने पर सड़क सरकरी और छोटी हो जाएगी जबकि इसी सड़क से जुड़ता हुआ एक सड़क बन रही है ।जो माननीय मंत्री श्री संजीव सिंह गोंड के घर के बगल से बनते हुए अम्मा टोला कोटा कोन मार्ग में जोड़ दिया जा रहा है ।अगर इसी मार्ग को भी जो मात्र 700 मीटर है उसे जोड़ दिया जाए तो यह मार्ग से पूर्व की भांति लोगों का आवागमन चालू हो जाएगा जो पहले कोन के व्यापारी इसी रास्ते आते जाते रहे हैं यह सड़क बरसों पुरानी सड़क थी इसे कुछ लोगों के द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है जबकि माननीय मुख्यमंत्री महोदय का सख्त आदेश है कि सरकारी जमीन को तत्काल खाली कराया जाए उसके बाद भी अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो यह माननीय मुख्यमंत्री महोदय का आदेश का उल्लंघन है।
