सिंदरी , धनबाद 4 नवंबर मंगलवार को सप्तम दिवस को श्रीमद्भागवत कथा विश्राम दिवस को सिंदरी शहरपुरा शिव मंदिर में संगीतमय कथा वाचन करते हुए सुश्री ब्रज प्रिया किशोरी जी ने राधे राधे।। बोलिए न राधे राधे।। ॐ गोविंदाया नमः।। मंत्रोचार करते हुए श्रीमद्भागवत कथा प्रवचन शुरू करते हुए बताईं कीं राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा सुनने से ज्ञान की प्राप्ति हुई तथा भय से मुक्ति मिली। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से राजा परीक्षित को मोक्ष प्राप्ति हुई तथा स्वर्ग की प्राप्ति हुई। प्रिया जी ने बताया की सात दिवस का श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मृत्यु और अज्ञानता के भय से मुक्ति मिलती है अध्यात्म एवं प्रभु के लीलाओं से जुड़ने का सुअवसर प्राप्त होता है। आज सुदामा और कृष्ण की मित्रता तथा द्वारका में मिलन एवं पत्नी से प्रेरित होकर द्वारका पहुंचने पर भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अपने दोस्त सुदामा के ग़रीबी दुर करने संबंधी लीलाओं का विस्तृत वर्णन करते हुए बताईं भगवान की लीला अपरंपार है। श्रीमद्भागवत सुनने से नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव का क्षरण होता है और आत्मिक शांति संतुष्टि की प्राप्ति होती है। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं एवं जन्म जन्मांतर के पुण्य उदय होते हैं। भागवत प्रेमी पर जब भी विपत्ति आती है भगवान रुप बदल बदल कर उसका निवारण करते हैं। बच्चों को तब तक मेला अच्छा लगता है जब तक माता पिता का हाथ बच्चों के साथ होता है और हाथ छुटते हीं वही वही मेला में खिलौना से मिष्ठान कुछ भी अच्छा नहीं लगता है सब कुछ भयावह लगने लगता है तो संसार रुपी मेला में अभिभावक भगवान का हाथ पकड़े रखें तो गंतव्य मोक्ष की प्राप्ति सुनिश्चित होना हीं होना है। किशोरी जी ने दिव्य नवयोगेश्वर की कथा दत्तात्रेय के 24 गुरुओं का विस्तार से वर्णन करते हुए सबको किस प्रकार का शिक्षा लेना चाहिए के संदर्भ से विस्तार से बताईं। कलिकाल में भागवत कथा के मुल सार तत्व , जीवन का लक्ष्य पर केंद्रित संगीतमय भजन गायन से भक्तगण झुमते रहे और विश्राम का समय आ गया तो किशोरी जी ने भागवत का अंतिम श्लोक से सभी को प्रार्थना करवाईं
नाम संकीर्तन यस्य सर्वपाप प्राणनाशनम।
प्रणामो दुःख शमनः तं नमामी हरिंपूरम ।।
आरती के पहले कार्यक्रम में सहयोगी समेत पत्रकार बंधुओं का स्वागत किशोरी जी पट्टा देकर करते हुए पुरे सिंदरी के कल्याण की शुभकामनाएं देते हुए श्रद्धालु भक्तों के श्रद्धा/संयम की प्रशंसा कर रहीं थीं भक्तगण का गला भर आया रूआंसे हो गए जैसे उनकी बिटिया रानी की विदाई हो रही है। इस प्रकार सात दिवसीय कार्यक्रम का विश्राम हुआ तथा दिनांक 05/11/2025 पुर्णिमा के शुभ अवसर पर हवन पूजन पूर्णाहुति के साथ भंडारा भोग अर्पण वितरण शहरपुरा शिव मंदिर होगा ऐसा घोषणा मुख्य यजमान आयोजक अमोद सिंह संग श्रीमती उषा सिंह और उनके सुपुत्र अखिलेश सिंह सपत्नी सभी भक्तगण को धन्यवाद आभार व्यक्त करते हुए कल सादर निमंत्रित किए। वही कथा वाचिका ने कथा कार्यक्रम के बाद कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन कर्ताओं के साथ साथ मिडिया एवं पत्रकार बंधुओं को भी श्री राधे कृष्ण जी के पट्टे और माला से सम्मानित किया अंत में प्रसाद वितरण भी किया गया।
श्रीमद्भागवत कथा में मुख्य रूप से यजमान अमोद कुमार सिंह संग धर्मपत्नी श्रीमती उषा सिंह, अखिलेश सिंह, रितेश पांडेय, अभिषेक वाजपेई के साथ साथ प्रशांत कुमार दुबे, दिनेश सिंह, शैलेश सिंह, रास बिहारी पाठक, शशि सिंह, ब्रजेश सिंह, सुरेन्द्र सिंह, नकुल सिंह, बनवाली झा, देवव्रत राय, रामायणि अमित राय, अर्चना सिंह, अंजना देवी, रंजना सिंह, वंदना, अनुराधा, दीपिका, योगिता, रानी देवी, रवि कुमार, कुमारी काजल, कृष्णा मिस्त्री, राजीव कुमार, कमलेश, केशव, आदित्य, अक्षर, सत्येन्द्र पांडेय, सुनील, अंजनी तिवारी, नकुल सिंह, उषा तिवारी, रौनी, कमलेश सिंह, मंटन सिंह, रंजन सिंहा, संतोष कुमार, स्वामीनाथ पांडेय, सत्येन्द्र नाथ तिवारी, हरिश्चंद्र दुबे , बिकेश सिंह, जितेंद्र यादव, अमित यादव, सुमन चौधरी, संपा सिल, डाक्टर एस एस साहु, बिनोद कुमार प्रसाद, विजय सिंह, राजु तिवारी, अनामिका तिवारी, यशोदा देवी, राधा शर्मा, समेत सैकड़ों हजारों महिला पुरुष श्रद्धालु भक्तगण कार्यक्रम के अंत अंत तक झुमते गाते हुए भक्तिमय वातावरण का आनंद उठाए।
