विजयदशमी उत्सव बुराई के प्रतीक, महिषासुर का देवी दुर्गा ने संहार किया , रावण का वध राम के द्वारा, पांडवों ने शमी वृक्ष से शस्त्र उठाया था:आलोक कुमार

बृज बिहारी दुबे
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       (रिपोर्ट प्रेम प्रकाश शर्मा )
सिंदरी धनबाद।  बुधवार को श्री विजयदशमी उत्सव सिंदरी नगर में मनाया गया। शस्त्र पूजन के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सिंदरी नगर के स्वयं सेवकों ने पथ संचलन किया।
जिसमें आलोक कुमार बनर्जी (सह सरकार्यवाह )केशव गाड़ोदिया (धनबाद विभाग संघ चालक )नित्यानंद पांडेय (धनबाद महानगर संघचालक) संजय कुमार (प्रांत कार्यवाह ) गोपाल (प्रांत प्रचारक) दिलीप गोपीनाथ (सिंदरी नगरकार्यवाह)  के साथ नगर के स्वयंसेवक तथा माताएं बहने उपस्थित थे।
आलोक   ने कहा कि विजयदशमी उत्सव एक महत्वपूर्ण दिन है इसी दिन बुराई के प्रतीक महिषासुर का देवी दुर्गा ने संहार किया था। रावण का वध राम के द्वारा किया गया था।, पांडवों ने शमी वृक्ष से शस्त्र उठाया था। डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने 27 सितंबर 1925 विजयादशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की  स्थापना हिंदु समाज को संगठित कर राष्ट्र को बलशाली बनाने के लिए किया। संघ संस्थापक का संदेश था कि स्वयं सेवक वे सभी काम करेंगे जो राष्ट्रहित में हो।
संघ के स्वयंसेवक सामाजिक जीवन के प्रत्येक क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं ।शिक्षा क्षेत्र में विद्या भारती कार्य करती है। जिसका उद्देश्य शिक्षा संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 101 वें  वर्ष में पऺचप्रण का संकल्प लिया है। जिसमें सामाजिक समरसता के लिए निरंतर प्रयास करना इस कार्य-योजना का लक्ष्य है।
कुटुंब प्रबोधन संघ कार्यकर्ता अपने घर, आसपास के दस पांच परिवारों के साथ प्रेम आदव व विश्वास स्थापित करने का प्रयास करेंगे। आज हमारी परिवार व्यवस्था बिखरती हुई दिखाई दे रही है। संयुक्त परिवार एकल परिवारों में परिवर्तित होने लगे हैं। सपरिवार सामूहिक भोजन, भजन, उत्सवों का आयोजन व तीर्थाटन, मातृभाषा का उपयोग, स्वदेशी का आग्रह, पारिवारिक व सामाजिक परम्पराओं के संवर्धन व संरक्षण के लिए काम करेंगे।
पर्यावरण संरक्षण इसमें जलसंवर्धन, पौधरोपण और प्लॉस्टिक-थर्मोकोल मुक्त पर्यावरण के प्रयास में समाज को साथ लेकर कार्य करेगा।
 स्व का बोध एवं नागरिक कर्तव्य नागरिक कर्तव्य के तहत जो जिस पद पर है, जिस दायित्व पर है, उसका निर्वहन निष्ठा और ईमानदारी पूर्वक करे। यही नागरिक कर्तव्य का उद्देश्य है।
एक कुशल नागरिक बनने के लिए हमें सभी स्वजनों के स्नेह की आवश्यकता है । अतः परिवार जागरण का काम करना है।
एकल गीत तथा संघ प्रार्थना के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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